'पटना साइंस कॉलेज 'में विश्वविद्यालय की घोषणा पर राजद का तंज, सरकार पर साधा निशाना

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 30-06-2026
RJD slams government over Patna Science College's university announcement
RJD slams government over Patna Science College's university announcement

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
बिहार में पटना साइंस कॉलेज परिसर में 'यूनिवर्सिटी ऑफ फिजिक्स एंड साइंसेज' स्थापित करने की राज्य सरकार की घोषणा को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने मंगलवार को इस घोषणा पर सवाल उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा।
 
राजद ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी पोस्ट में कहा कि महाविद्यालय परिसर में विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा और उसके नामकरण को लेकर सरकार भ्रम फैला रही है। पार्टी ने दावा किया कि यह मुद्दा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
 
हाल ही में पटना साइंस कॉलेज में निरीक्षण को गए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने परिसर में आधुनिक शोध सुविधाओं, उच्च शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'यूनिवर्सिटी ऑफ फिजिक्स एंड साइंसेज' स्थापित करने की घोषणा की थी। सरकार का कहना है कि प्रस्तावित संस्थान विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में बिहार को नई पहचान देगा तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित करेगा।
 
हालांकि, इस घोषणा के बाद राजद ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि महाविद्यालय के भीतर विश्वविद्यालय खोलने की बात अपने आप में सवाल खड़े करती है। पार्टी ने तंज कसते हुए कहा, "अब कॉलेज में विश्वविद्यालय खुलेगा। यह दुनिया में पहली बार होगा।" राजद ने यह भी कहा कि यदि मुख्यमंत्री को विश्वविद्यालय की अवधारणा समझाई गई होती तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
 
पार्टी ने प्रस्तावित विश्वविद्यालय के नाम पर भी सवाल उठाए। राजद ने कहा कि भौतिकी पहले से ही विज्ञान की एक शाखा है, ऐसे में 'यूनिवर्सिटी ऑफ फिजिक्स एंड साइंसेज' नाम भ्रम पैदा करता है।
 
अपने बयान में राजद ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लिए बिना उनके एक पुराने बयान का भी उल्लेख किया। पार्टी ने कहा कि पहले "12वीं के बाद इंटर में दाखिला" वाला बयान चर्चा में रहा था और अब बिहार में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा नया ऐलान विवाद का विषय बन गया है। राजद ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा जैसे गंभीर विषय पर स्पष्टता के साथ बात करने के बजाय राजनीतिक संदेश देने का प्रयास कर रही है।