आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल पुलिस और केंद्रीय बलों ने कथित वित्तीय धोखाधड़ी के एक मामले में तृणमूल कांग्रेस के नेता एवं सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पर कई घंटे तक तलाशी ली। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई उनके करीबी सहयोगी की तलाश में की गई थी और इस घटनाक्रम से पश्चिम बंगाल की राजनीति में तनाव और बढ़ने की संभावना है।
पश्चिम मेदिनीपुर के शालबनी थाने की टीम के नेतृत्व में और कोलकाता पुलिस की मदद से चलाया गया यह तलाशी अभियान बीती रात लगभग दो बजे शुरू हुआ। इस कार्रवाई को तृणमूल कांग्रेस ने ‘‘राजनीतिक प्रतिशोध’’ करार दिया, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने जोर दिया कि जांच अधिकारियों ने सिर्फ तय प्रक्रियाओं का पालन किया।
तलाशी की खबर मिलते ही ममता बनर्जी अपने भतीजे अभिषेक के आवास तुरंत पहुंचीं और तलाशी पूरी होने तक तथा पुलिस के परिसर से जाने तक वह वहीं मौजूद रहीं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस तलाशी का मुख्य मकसद अभिषेक के निजी सहायक सुमित रॉय का पता लगाना था, जो शालबनी थाने में दर्ज ‘‘वित्तीय धोखाधड़ी’’ के मामले में जारी जांच के सिलसिले में वांछित है।
सूत्रों के मुताबिक, रॉय के मोबाइल फोन की आखिरी ‘लोकेशन’ अभिषेक के कालीघाट स्थित आवास पर थी, जिसके बाद जांच अधिकारियों ने यह अभियान शुरू किया।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने अभिषेक के कालीघाट स्थित आवास का दरवाजा कई बार खटखटाया, लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला और उन्होंने करीब चार घंटे तक बाहर इंतजार किया।
तृणमूल ने आरोप लगाया कि पुलिस टीम ने तलाशी अभियान के लिए ताला तोड़ा और (पुलिस) अभिषेक के परिसर में घुस गई।रूप में शामिल थे।