जयपुर।
ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने राजस्थान की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के अलावा तीसरे राजनीतिक विकल्प की जरूरत बताई है। उन्होंने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल को लेकर समर्थन का संकेत देते हुए कहा कि अगर बेनीवाल राजस्थान में तीसरी ताकत के रूप में उभरते हैं, तो एआईएमआईएम उनके साथ खड़ी होगी।
जयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान ओवैसी ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजस्थान की राजनीति में अब एक मजबूत तीसरे विकल्प की जरूरत है। उनका कहना था कि अगर हनुमान बेनीवाल तीसरी राजनीतिक ताकत स्थापित करने में सफल होते हैं, तो एआईएमआईएम उनके साथ मिलकर काम करेगी।
ओवैसी ने कहा कि हनुमान बेनीवाल और एआईएमआईएम साथ मिलकर भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के लिए राजनीतिक चुनौती खड़ी कर सकते हैं। उन्होंने मतदाताओं से एआईएमआईएम और आरएलपी के उम्मीदवारों को समर्थन देने की अपील भी की।
भाजपा और कांग्रेस पर निशाना
एआईएमआईएम प्रमुख ने राजस्थान सरकार के कामकाज को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने सरकारी स्कूलों की स्थिति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्य में स्कूलों और हजारों कक्षाओं की हालत पर ध्यान देने की जरूरत है।
ओवैसी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि आम लोगों से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर सरकार को ज्यादा गंभीरता से काम करना चाहिए।
उन्होंने जयपुर में विरासत संरक्षण के लिए उपलब्ध कराए गए धन के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए। इसके अलावा उन्होंने राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था पर चिंता जताई। अस्पतालों में सुविधाओं, आईसीयू और रेडियोलॉजी सेवाओं की उपलब्धता को लेकर उन्होंने सरकार से सवाल किया।
ओवैसी ने एसएमएस अस्पताल और उसके ट्रॉमा सेंटर से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं या नहीं।
‘हिंदू मुस्लिम तनाव के मुद्दे उठाती है भाजपा’
ओवैसी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह जनता से जुड़े मुद्दों का समाधान करने के बजाय ऐसे मुद्दों को प्राथमिकता देती है, जिनसे हिंदू मुस्लिम तनाव बढ़ता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के पास जनता की समस्याओं का पर्याप्त जवाब नहीं है और वह राजनीतिक लाभ के लिए सांप्रदायिक तनाव से जुड़े मुद्दे उठाती है।
ओवैसी ने कहा कि देश में नफरत की दीवारें खड़ी करने वाली राजनीति बंद होनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि राजनीतिक दलों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
बेनीवाल के साथ राजनीतिक समीकरण के संकेत
राजस्थान में तीसरे विकल्प की चर्चा के बीच ओवैसी का हनुमान बेनीवाल को लेकर दिया गया बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आरएलपी राजस्थान की राजनीति में क्षेत्रीय मुद्दों और किसान वर्ग से जुड़े सवालों को लेकर अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश करती रही है।
ओवैसी ने संकेत दिया कि यदि बेनीवाल एक मजबूत तीसरी राजनीतिक शक्ति के रूप में सामने आते हैं तो एआईएमआईएम उनके साथ मिलकर चुनावी राजनीति में आगे बढ़ सकती है। उन्होंने अपने समर्थकों से एआईएमआईएम और आरएलपी उम्मीदवारों को समर्थन देने की अपील भी की।
इस तरह ओवैसी ने एक ओर भाजपा और कांग्रेस दोनों को निशाने पर लिया, वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय राजनीतिक ताकतों के साथ संभावित सहयोग की दिशा भी साफ करने की कोशिश की।
धार्मिक स्थलों को लेकर भाजपा पर आरोप
ओवैसी ने धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा मस्जिदों को गिराए जाने के मुद्दे पर राजनीति कर रही है।
उन्होंने सहारनपुर की घटना का उल्लेख किया और बाड़मेर तथा जैसलमेर में मस्जिदों से जुड़े घटनाक्रम का भी जिक्र किया। ओवैसी ने इन घटनाओं को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि धार्मिक मुद्दों के जरिए राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
ओवैसी के बयान ऐसे समय आए हैं जब राजस्थान में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक मुकाबले के साथ क्षेत्रीय दल भी अपनी भूमिका मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में एआईएमआईएम और आरएलपी के बीच संभावित राजनीतिक सहयोग की चर्चा राजस्थान की आगामी राजनीति में एक नया समीकरण पैदा कर सकती है।