नई दिल्ली
प्रसिद्ध सूफी गायिका ज्योति नूरां को ‘विकसित भारत सूफी सिंगर अवॉर्ड 2026’ से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल ट्रस्ट की ओर से भारतीय सूफी संगीत के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाएगा। अक्टूबर में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल के विशेष समारोह में उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल के मैनेजिंग ट्रस्टी प्रो. जसीम मोहम्मद ने रविवार को पुरस्कार की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ज्योति नूरां ने अपनी प्रभावशाली आवाज और अलग अंदाज की गायकी से सूफी संगीत को देश के साथ साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाई है।
प्रो. जसीम मोहम्मद के अनुसार, ज्योति नूरां की गायकी में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता, प्रेम, भाईचारे और मानवीय मूल्यों की झलक दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि ऐसे कलाकार भारतीय सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।
कला और संस्कृति भी विकसित भारत का हिस्सा
प्रो. जसीम मोहम्मद ने कहा कि ‘विकसित भारत’ की अवधारणा केवल आर्थिक विकास और तकनीकी प्रगति तक सीमित नहीं है। भारत की कला, साहित्य, संगीत और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और उसका विस्तार भी इस यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित करने की पहल कर रहा है। इसका उद्देश्य देश की सांस्कृतिक विविधता और रचनात्मक प्रतिभाओं को एक व्यापक मंच उपलब्ध कराना है।
सूफी संगीत देता है प्रेम और इंसानियत का संदेश
प्रो. जसीम मोहम्मद ने कहा कि सूफी संगीत भारतीय सांस्कृतिक परंपरा की महत्वपूर्ण धरोहर है। इसकी बुनियाद प्रेम, शांति, सद्भाव और इंसानियत जैसे मूल्यों पर टिकी है। ज्योति नूरां ने अपनी गायकी के जरिए इस परंपरा को बड़ी संख्या में श्रोताओं तक पहुंचाया है।
उन्होंने कहा कि सूफी संगीत की लोकप्रियता केवल भारत तक सीमित नहीं है। इसकी आध्यात्मिक अपील और मानवीय संदेश अलग अलग देशों और संस्कृतियों के लोगों को भी आकर्षित करता है। ज्योति नूरां की गायकी ने इस परंपरा को आधुनिक श्रोताओं तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
साहित्य और संगीत को एक मंच पर लाने की पहल
अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल साहित्य, कला, संस्कृति और संगीत के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर संवाद को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है। फेस्टिवल के आगामी आयोजन में देश के साहित्यकारों, कलाकारों, संगीतकारों और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े प्रमुख लोगों की भागीदारी प्रस्तावित है।
फेस्टिवल का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को एक साझा मंच उपलब्ध कराना और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर सार्थक संवाद को आगे बढ़ाना है। आयोजकों का मानना है कि साहित्य और संगीत जैसे माध्यम समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
ज्योति नूरां का योगदान हुआ सम्मानित
‘विकसित भारत सूफी सिंगर अवॉर्ड 2026’ के लिए ज्योति नूरां का चयन भारतीय सूफी संगीत में उनके योगदान के सम्मान के तौर पर किया गया है। उनकी गायकी ने सूफी संगीत की पारंपरिक विरासत को समकालीन मंचों तक पहुंचाने में मदद की है।
अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल ट्रस्ट की ओर से दिया जाने वाला यह सम्मान भारतीय सूफी संगीत की समृद्ध परंपरा और उसे आगे बढ़ाने वाले कलाकारों के प्रति सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। अक्टूबर में नई दिल्ली में होने वाले विशेष समारोह में ज्योति नूरां को यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।