आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राजस्थान उच्च न्यायालय ने वर्ष 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में बयाना से चुनी गईं निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत के निर्वाचन को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका खारिज कर दी है।
अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता यह साबित करने में विफल रहे कि विधायक ने अपनी संपत्ति या अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाई थीं, जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हुआ हो या जो भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में आता हो।
हालांकि, न्यायमूर्ति सुदेश बंसल की एकल पीठ ने चुनाव याचिका की सुनवाई के दौरान लंबे समय तक समन से बचने के कारण ऋतु बनावत पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
अदालत ने कहा कि उनके इस आचरण से न्यायिक कार्यवाही में अनावश्यक रूप से करीब 10 महीने की देरी हुई।
अदालत ने सोमवार को विधायक ऋतु बनावत को निर्देश दिया कि वह 30 दिनों के भीतर यह राशि याचिकाकर्ता को अदा करें।
यह चुनाव याचिका बयाना विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके पुरुषोत्तम लाल ने दायर की थी।
उन्होंने आरोप लगाया था कि ऋतु बनावत ने नामांकन पत्र के साथ प्रस्तुत किए गए फॉर्म-26 में अपनी संपत्तियों, देनदारियों, बैंक खातों और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों का पूरा खुलासा नहीं किया।
याचिकाकर्ता का कहना था कि शपथ—पत्र के कई कॉलम खाली छोड़ दिए गए थे और कुछ जानकारियां जानबूझकर छिपाई गई थीं, जिससे मतदाताओं के सूचना के अधिकार का उल्लंघन हुआ।