राही ग्रुप की अगले तीन वर्षों में 600 करोड़ रुपये तक का निवेश करने की योजना: सीएमडी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 20-04-2026
Rahi Group plans to invest up to Rs 600 crore in the next three years: CMD
Rahi Group plans to invest up to Rs 600 crore in the next three years: CMD

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 बुनियादी ढांचा क्षेत्र की कंपनी राही ग्रुप अगले तीन वर्षों में परिचालन बढ़ाने और विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने के लिए 600 करोड़ रुपये तक का निवेश करने की योजना बना रही है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी।
 
कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि समूह विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में 400 से 500 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखता है।
 
राही ग्रुप के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) प्रदीप खेतान ने 'पीटीआई-भाषा' को दिए एक साक्षात्कार में बताया कि इस विस्तार योजना के तहत राही इंफ्राटेक लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी राही ट्रैक टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ओडिशा में 200 करोड़ रुपये की लागत से एक 'फाउंड्री' स्थापित कर रही है। यहां मैंगनीज और इस्पात की ढलाई से बने पुर्जों का निर्माण किया जाएगा।
 
इसके अलावा, समूह की प्रमुख कंपनी राही इंफ्राटेक लिमिटेड अगले तीन वर्षों में हर साल 60 से 70 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय करेगी, जिससे उसकी बुनियादी ढांचा क्षमताओं को और मजबूत किया जाएगा।
 
समूह अपनी अनुषंगी कंपनी पैंड्रोल राही टेक्नोलॉजीज में भी लगभग 100 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इस निवेश से आधुनिक रेलवे ट्रैक को जोड़ने और सुरक्षित रखने वाले उपकरण, प्लास्टिक के पुर्जे और अन्य उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाने के लिए एक अलग उत्पादन इकाई स्थापित की जाएगी।
 
खेतान ने कहा कि ये निवेश कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति के अनुरूप हैं, जिनका उद्देश्य क्षमता बढ़ाना, उत्पादों का विस्तार करना और रेलवे तथा बुनियादी ढांचा क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों को पूरा करना है।
 
उन्होंने कहा कि कंपनी पर्यावरण अनुकूल रेल समाधानों पर भी ध्यान दे रही है। इसके तहत पुराने टायरों से प्राप्त पुनर्चक्रित रबर का उपयोग कर ऐसे पुर्जे बनाए जा रहे हैं, जो मेट्रो रेल में शोर और कंपन को कम करते हैं और नए कच्चे माल पर निर्भरता घटाते हैं।
 
खेतान ने कहा कि भारत न केवल आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ रहा है, बल्कि वैश्विक रेल बाजार के लिए एक प्रतिस्पर्धी विनिर्माण केंद्र भी बन रहा है।
 
उन्होंने कहा, "मेक इन इंडिया अब ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है।"