आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारत की अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया का मानना है कि भारत के एशियाई खेलों में महिला हॉकी स्वर्ण पदक के 44 साल के इंतजार को खत्म करने से कहीं अधिक 2028 में लॉस एंजिलिस में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई करना मायने रखता है।
भारतीय महिला टीम ने शुक्रवार को फाइनल में गत चैंपियन और ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 1-0 से हराकर न केवल स्वर्ण पदक के लंबे इंतजार को खत्म किया, बल्कि ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई किया।
सविता ने शुक्रवार को भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद कहा, ‘‘जब हमारी नई टीम (मुख्य कोच शाेर्ड मारिन के नेतृत्व में) यहां पहुंची तो हमारे दिमाग में केवल एक ही बात थी कि हमें लॉस एंजिलिस के लिए क्वालीफाई करना है। हम जानते थे कि भारत ने आखिरी बार एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक 44 साल पहले जीता था, लेकिन इतिहास से ज्यादा हमारा ध्यान सीधे ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने पर था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करना चाहते थे ताकि हमें तैयारी करने और लॉस एंजिलिस में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए डेढ़ साल का समय मिल सके और उम्मीद है कि हम वहां पदक जीतने में सफल रहेंगे।’’