नई दिल्ली
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल चार दिवसीय जापान दौरे पर पहुंच गए हैं। वह करीब 200 सदस्यों वाले कारोबारी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और जापान के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को और मजबूत करना है।
भारतीय दूतावास के अनुसार, पीयूष गोयल सोमवार को टोक्यो के हानेडा एयरपोर्ट पहुंचे। वह 24 से 27 अगस्त तक जापान में रहेंगे। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, यह जापान की अब तक की सबसे बड़ी भारतीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल यात्रा है।
इस प्रतिनिधिमंडल में विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, इस्पात, ऑटोमोबाइल, वित्तीय सेवाओं, स्वास्थ्य सेवा और स्टार्टअप सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े कारोबारी और उद्योग प्रतिनिधि शामिल हैं।
दौरे के पहले चरण में पीयूष गोयल टोक्यो में जापान के प्रमुख औद्योगिक समूहों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। वह जापान के शीर्ष कारोबारी संगठन केइदानरेन (Keidanren) के साथ राउंडटेबल बैठक में भी शामिल होंगे। यह संगठन जापान की 1,500 से अधिक कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है।
टोक्यो में सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्टार्टअप जैसे उभरते क्षेत्रों पर विशेष चर्चा होगी। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों के साथ भी बैठकें प्रस्तावित हैं।
गोयल जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार एवं उद्योग मंत्री अकाजावा र्योसेई के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वह जापान के वरिष्ठ सरकारी और संसदीय नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से संवाद का कार्यक्रम भी है।
दौरे का अगला चरण नागोया में होगा, जो जापान का प्रमुख औद्योगिक केंद्र है। यहां पीयूष गोयल सेंट्रल जापान इकोनॉमिक फेडरेशन और नागोया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सहयोग से बिजनेस रोड शो का नेतृत्व करेंगे।
इस दौरान वह आइची प्रांत के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ ऑटोमोबाइल और इस्पात क्षेत्र के प्रमुख निवेशकों से मुलाकात करेंगे। भारत और जापान के बीच औद्योगिक सहयोग और निवेश की नई संभावनाओं पर भी चर्चा होगी।
गोयल का जापान दौरा ओसाका में समाप्त होगा। यहां निवेशकों और कारोबारियों के लिए रोड शो आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक और उपभोक्ता क्षेत्र की प्रमुख जापानी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें होंगी।
भारतीय दूतावास के अनुसार, यह यात्रा भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। दोनों देश व्यापार और निवेश संबंधों को नई ऊंचाई देने के प्रयास कर रहे हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और जापान के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार 27.47 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। इस दौरान जापान से भारत को 21.43 अरब डॉलर का निर्यात हुआ, जबकि भारत से जापान को 6.04 अरब डॉलर का निर्यात किया गया।
पीयूष गोयल का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत जापान के साथ व्यापार, निवेश, तकनीक और विनिर्माण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहा है। करीब 200 सदस्यों वाला प्रतिनिधिमंडल दोनों देशों के कारोबारी समुदायों के बीच नए अवसर तलाशने और निवेश को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।