Parveen will enter the Asian Games with the lost medal in Hangzhou in mind.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मुक्केबाज परवीन हुड्डा एशियाई खेलों में उस पदक की तलाश में वापसी कर रही हैं जो उन्होंने कभी जीता था लेकिन प्रतिबंध लगने के कारण उनसे छीन लिया गया था।
इस भारतीय मुक्केबाज ने 2023 में हांगझोऊ एशियाई खेलों में 57 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीता था। इससे उन्होंने भारत के लिए ओलंपिक कोटा भी हासिल किया था लेकिन निलंबन के कारण यह दोनों ही उनके हाथ से चले गए थे।
पदक गंवाने की टीस अब भी बनी हुई है लेकिन परवीन अब नए भार वर्ग में उससे भी अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस 26 वर्षीय खिलाड़ी से जब पीटीआई ने पूछा कि क्या एशियाई खेलों में कोई अधूरा काम पूरा करना बाकी है, उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित रूप से हां।’’
कांस्य पदक को गंवाए हुए लगभग दो साल हो गए हैं। लेकिन उसे जीतने की याद अभी भी ताज़ा है। और उसके बाद जो हुआ, उसका अहसास भी।
परवीन को मई 2024 में वाडा द्वारा 22 महीने के लिए निलंबित कर दिया गया था, क्योंकि 12 महीने की अवधि में तीन बार उन्होंने अपने ठिकाने का खुलासा नहीं किया था। बाद में निलंबन की तारीख 14 महीने पीछे कर दी गई, जिसके चलते उन्हें एशियाई खेलों का पदक और भारत के लिए हासिल किया गया ओलंपिक कोटा दोनों से हाथ धोना पड़ा।