संसदीय समिति ने खुदा बख्श पुस्तकालय में 2023 से निदेशक पद खाली रहने पर जताई चिंता

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 11-04-2026
Parliamentary committee expresses concern over vacant director post at Khuda Baksh Library since 2023
Parliamentary committee expresses concern over vacant director post at Khuda Baksh Library since 2023

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
पटना स्थित प्रख्यात ‘खुदा बख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी’ में अगस्त 2023 से निदेशक का पद खाली पड़े होने पर एक संसदीय समिति ने चिंता जताई है और इस पद को भरने में देरी के कारणों पर संस्कृति मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी है।
 
परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी संसद की स्थायी समिति ने संस्कृति मंत्रालय को राष्ट्रीय अभिलेखागार (एनएआई) की डिजिटलीकरण परियोजना को पूरा करने के लिए समयसीमा तय करने का भी सुझाव दिया है।
 
समिति की रिपोर्ट ‘संस्कृति मंत्रालय की अनुदान मांगें (2026-27)’ 25 मार्च को संसद में पेश की गई थी।
 
रिपोर्ट में कहा गया, “समिति ने पटना स्थित खुदा बख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी को लेकर चिंता जताई, जहां नियुक्ति के लिए पैनल प्रस्तुत किए जाने के बावजूद अगस्त 2023 से निदेशक का पद रिक्त है।”
 
समिति ने सिफारिश की कि मंत्रालय “खुदा बख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी के निदेशक का पद 90 दिन के भीतर भरे और देरी के कारणों पर रिपोर्ट प्रस्तुत करे।”
 
मौलवी खुदा बख्श खान ने 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में अपने पिता के दुर्लभ संग्रह को विरासत में पाने के बाद इसकी नींव रखी और इस पुस्तकालय को 1891 में ‘ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी’ के रूप में जनता के लिए खोला गया था।