नई दिल्ली
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ यानी एक देश, एक चुनाव की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि मौजूदा संवैधानिक व्यवस्था में इसे लागू करना संभव नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अगर इसे मौजूदा स्वरूप में लागू किया गया तो यह संविधान का उल्लंघन होगा। खुर्शीद ने इस विचार को “पाइप ड्रीम” यानी महज ख्वाब करार दिया।
खुर्शीद ने कहा, “आज का संवैधानिक प्रावधान इस बात की अनुमति नहीं देता कि कोई यह कह सके कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू हो सकता है। हमारा मानना है कि अगर इसे आज लागू किया गया तो यह संविधान का उल्लंघन होगा। यह एक ख्वाब है।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस बात से सहमत नहीं है कि प्रस्तावित व्यवस्था संवैधानिक रूप से व्यवहारिक है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार परिसीमन को आसान बनाने, लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाने और महिला आरक्षण लागू करने के लिए अलग-अलग रास्ते तलाश रही है।
खुर्शीद ने आरोप लगाया कि सरकार संविधान में उपलब्ध सीधे और स्पष्ट रास्ते अपनाने के बजाय ऐसे रास्ते तलाश रही है, जिन्हें उन्होंने “घुमावदार और अप्रत्यक्ष” बताया।
उन्होंने कहा कि यह सभी को दिखाई दे रहा है कि सरकार विभिन्न राजनीतिक दलों से संपर्क कर रही है और उनके सदस्यों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है। खुर्शीद के मुताबिक, इस तरह की राजनीति देश के लिए अच्छी स्थिति नहीं है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा स्कूल में छात्रा को हिजाब पहनने की अनुमति देने से जुड़ी याचिका खारिज किए जाने के सवाल पर खुर्शीद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे पर पहले ही स्थिति स्पष्ट कर चुका है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए संकेतों को देखते हुए उन्हें नहीं लगता कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले का कोई बड़ा प्रभाव पड़ेगा।
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार की कई नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को सरकार की विदेश नीति और आर्थिक नीति को लेकर संदेह है।
उन्होंने पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की पहल पर भी सवाल उठाया। इसके अलावा अमेरिका के साथ प्रस्तावित और किए जा रहे व्यापार समझौतों को लेकर भी कांग्रेस की चिंताएं होने की बात कही।
खुर्शीद ने कहा कि कांग्रेस को एथेनॉल मिश्रण की पहल, अमेरिका के साथ व्यापार समझौतों और सरकार की विदेश तथा आर्थिक नीतियों को लेकर कई सवाल हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ऐसी सरकार है, जो उनके लिए “संदेह पैदा करती है।”
कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब केंद्र सरकार चुनावी सुधारों के तहत ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की व्यवस्था को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। खुर्शीद ने इस प्रस्ताव के साथ-साथ सरकार की ईंधन नीति, विदेश नीति और व्यापार समझौतों पर भी अपनी पार्टी की आपत्तियां सामने रखीं।