आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पाकिस्तान की जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी ने उन्हें एक निजी अस्पताल में भेजने के 18 अगस्त के उच्चतम न्यायालय के आदेश का उल्लंघन होने पर मंगलवार को फिर से अवमानना याचिका दाखिल की है।
न्यायालय द्वारा अवमानना याचिका को आपत्तियों के साथ वापस किए जाने के कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने फिर से इसे दाखिल किया।
यह याचिका 73 वर्षीय खान की बहन उजमा खान ने दाखिल की। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने पीटीआई संस्थापक को इलाज के लिए इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में स्थानांतरित नहीं कराया।
शीर्ष अदालत ने तकनीकी आधार पर उजमा की याचिका वापस कर दी थी, लेकिन पीटीआई के वकीलों ने तुरंत अदालत की चिंताओं और आपत्तियों को दूर किया और इसे फिर से दाखिल किया।
पीटीआई के अध्यक्ष गोहर खान ने कहा कि एक आपत्ति यह थी कि याचिकाकर्ता ने सरकार पर लगाए गए आरोपों की सूची नहीं दी थी। उन्होंने कहा था, ‘‘हम याचिका फिर से दाखिल करेंगे।’’
गत 22 अगस्त को उजमा उच्चतम न्यायालय पहुंचीं थीं। इससे पहले, 20-21 अगस्त की रात खान को आंखों के इलाज और अन्य जांच के लिए निजी शिफा अस्पताल के बजाय सरकारी पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) ले जाया गया था।
इसके बाद उन्हें वापस अदियाला जेल भेज दिया गया। याचिका में तर्क दिया गया कि यह अदालत के उस आदेश का उल्लंघन था जिसमें कहा गया था कि खान 16 सितंबर को अगली सुनवाई तक इस्लामाबाद के अस्पताल में भर्ती रहेंगे।