आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
ओडिशा सरकार ने 76,612 करोड़ रुपये के 20 निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इनसे राज्य में पांच लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
इन परियोजनाओं को बुधवार को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय मंजूरी प्राधिकरण (एचएलसीए) की बैठक में स्वीकृति दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ प्रगतिशील नीतियों, मजबूत अवसंरचना और कारोबार को आसान बनाने की प्रतिबद्धता के साथ ओडिशा उभरते एवं पारंपरिक दोनों क्षेत्रों में निवेश आकर्षित कर रहा है। ये परियोजनाएं रोजगार सृजन, औद्योगिक विविधीकरण और समावेशी आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।’’
अधिकारियों ने बताया कि ये परियोजनाएं रत्न निर्माण, हरित ऊर्जा उपकरण, वैमानिकी एवं रक्षा, दुर्लभ खनिज आधारित उत्पाद, औषधि, यांत्रिक एवं विद्युत पूंजीगत वस्तुएं, रसायन, इस्पात, लौह एवं फेरो मिश्रधातु तथा ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों से जुड़ी हैं।
रत्न क्षेत्र में किरा डायम एलएलपी, अंजलि लैबटेक लिमिटेड और ग्रो मैग्निफिसेंट प्राइवेट लिमिटेड ने खुर्दा में प्रयोगशाला में तैयार हीरे की निर्माण इकाइयां स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। इन परियोजनाओं में कुल 9,817.50 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 8,100 लोगों को रोजगार मिलेगा।
हरित ऊर्जा उपकरण क्षेत्र में टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड गंजाम जिले में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से सौर पीवी सेल विनिर्माण इकाई स्थापित करेगी, जबकि सात्विक सोलर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड इसी जिले में 1,709.81 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
एन.ए.एन. मैग्नेटेक प्राइवेट लिमिटेड खुर्दा/कटक में 1,250 करोड़ रुपये के निवेश से उच्च क्षमता वाले ईवी ग्रेड मैग्नेट विनिर्माण संयंत्र लगाएगी, जबकि लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड गंजाम में 2,400 करोड़ रुपये के निवेश से स्थायी मैग्नेट विनिर्माण इकाई स्थापित करेगी।
इसके अलावा वर्ल्ड टाइटेनियम इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड गंजाम में 2,800 करोड़ रुपये के निवेश से टाइटेनियम डाइऑक्साइड उत्पादन इकाई स्थापित करेगी।
विनिर्माण क्षेत्र में रत्नमणि मेटल्स एंड ट्यूब्स लिमिटेड जाजपुर में 1,642 करोड़ रुपये के निवेश से विशेष इस्पात संयंत्र लगाएगी।
औषधि क्षेत्र में नेक्टर लाइफसाइंसेज लिमिटेड संबलपुर में 1,170 करोड़ रुपये के निवेश से दवा विनिर्माण इकाई स्थापित करेगी, जबकि जुपिटर वैगन्स लिमिटेड जाजपुर में 1,500 करोड़ रुपये के निवेश से रेलवे कोच निर्माण संयंत्र लगाएगी।