आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मिजोरम की एकमात्र राज्यसभा सीट पर चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को मतदान जारी है, जिसमें दो उम्मीदवार मैदान में हैं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
सत्तारूढ़ जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) ने पार्टी प्रवक्ता के. लालतलुआंगकिमा को चुनाव मैदान में उतारा है, जबकि मुख्य विपक्षी दल मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) ने वकील एवं लेखिका जोथानसांगी ह्मार को उम्मीदवार बनाया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने मतदान से दूर रहने का फैसला किया है।
विधानसभा सचिवालय के अतिरिक्त सचिव लालथांगमाविया ने बताया कि विधायकों को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक मतदान की अनुमति दी गई है और मतगणना शाम पांच बजे शुरू होगी।
उन्होंने कहा, ‘‘मतदान के लिए सभी तैयारियां और सुरक्षा इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। मतों की गिनती विधानसभा भवन में होगी।’’
मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने सुबह नौ बजकर 43 मिनट पर अपना वोट डाला और विपक्ष के उस आरोप को खारिज किया कि सत्तारूढ़ जेडपीएम में आंतरिक दरार है, जिससे राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की आशंका है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जेडपीएम में आंतरिक कलह और राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग का आरोप जनता का ध्यान भटकाने की विपक्ष की चाल है। वे शुरू से यही करते आए हैं। कोई क्रॉस वोटिंग नहीं होगी क्योंकि मतदान के दौरान हमारे विधायक एकजुट हैं।’’
लालदुहोमा मतदान में हिस्सा लेने वाले पहले विधायक रहे, उनके बाद बागवानी मंत्री सी. लालसाविवुंगा ने वोट डाला।
मिजोरम की 40 सदस्यीय विधानसभा में जेडपीएम के 27, एमएनएफ के 10, भाजपा के दो और कांग्रेस का एक विधायक है।
एमएनएफ विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष लालछंदमा राल्टे ने आरोप लगाया कि जेडपीएम में फूट है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एमएनएफ को सत्तारूढ़ दल से एक वोट मिल सकता है।
कांग्रेस विधायक सी. न्गुनलियांचुंगा ने कहा कि वह पार्टी आलाकमान के निर्देश पर अपना वोट नहीं डालेंगे। भाजपा के मीडिया संयोजक जॉनी लालथानपुइया ने भी कहा कि उनके दोनों विधायक राज्यसभा चुनाव के मतदान में हिस्सा नहीं लेंगे।