एनएसई ने आईपीओ दस्तावेज में नियामकीय, प्रौद्योगिकी और एआई जोखिमों को लेकर जतायी चिंता

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 18-06-2026
NSE raises concerns about regulatory, technology and AI risks in IPO document
NSE raises concerns about regulatory, technology and AI risks in IPO document

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
देश के सबसे बड़े शेयर बाजार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने आगाह किया है कि नियामकीय बदलाव, प्रौद्योगिकी विफलताओं, साइबर हमले और कृत्रिम मेधा (एआई) से जुड़े जोखिम, साथ ही वायदा-विकल्प कारोबार से होने वाली आय पर इसकी भारी निर्भरता उसके वित्तीय प्रदर्शन एवं कारोबार संचालन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है।
 
एनएसई ने बुधवार को दाखिल अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से जुड़े दस्तावेजों में कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में उसके परिचालन राजस्व का 78.65 प्रतिशत लेनदेन शुल्क से आया, जिसमें केवल ‘ऑप्शंस ट्रेडिंग’ का योगदान 60.22 प्रतिशत रहा।
 
इसने कहा कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा इक्विटी वायदा-विकल्प ढांचे को मजबूत करने के लिए हाल में किए गए नियामकीय उपायों के कारण नकद और वायदा-विकल्प दोनों खंडों में कारोबार गतिविधियों में कमी आई है, जिससे वित्त वर्ष 2025-26 में कारोबार (ट्रेडिंग) से आय घटी।
 
एनएसई ने आगाह किया कि नियमों में और कड़ाई, अधिक लेनदेन कर, निवेशकों की पसंद में बदलाव या वैकल्पिक परिसंपत्ति वर्गों की ओर रुझान से कारोबार की मात्रा एवं लाभप्रदता प्रभावित हो सकती है।
 
इसने व्यापक नियामकीय जोखिमों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वह लगातार सेबी की निगरानी, निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्रवाई के दायरे में रहता है। उसे संचालन, शासन, प्रौद्योगिकी और अनुपालन से जुड़े मामलों में कारण बताओ नोटिस, चेतावनी पत्र और परामर्श मिल चुके हैं।
 
एनएसई ने बताया कि हाल के वर्षों में उसे बड़े निपटान खर्च उठाने पड़े हैं, जिनमें अक्टूबर 2024 में ट्रेडिंग एक्सेस पॉइंट (टीएपी) संरचना और नेटवर्क कनेक्टिविटी से जुड़े मामले में 643 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान शामिल है। जुलाई, 2025 में भी उसने 40.35 करोड़ रुपये का भुगतान एक अन्य निपटान आदेश के तहत किया।
 
इसने कहा कि ‘को-लोकेशन’ और ‘डार्क फाइबर’ से जुड़े मामले सहित कई कानूनी एवं नियामकीय कार्यवाही अभी लंबित हैं, जिनका वित्तीय तथा प्रतिष्ठा पर असर पड़ सकता है।