No study has been conducted on agricultural land affected by chemical fertilizers and pesticides.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
सरकार ने शुक्रवार को कहा कि उसने ऐसा कोई अध्ययन नहीं कराया है जिससे पता चल सके कि देश में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग के कारण प्रभावित कृषि भूमि का क्षेत्रफल कितना है।
कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने शुक्रवार को राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सतत कृषि और मानव कल्याण के लिए रासायनिक खेती के विकल्प के रूप में सरकार प्राकृतिक खेती और जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है।
ठाकुर ने भाजपा के रजनीश कुमार अग्रवाल के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि अब तक 18.93 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को जैविक खेती के अंतर्गत लाया गया है और 33.63 लाख किसानों को इसका लाभ मिला है।
उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र जैविक मूल्य श्रृंखला विकास मिशन (एमओवीसीडीएनईआर) के तहत 2.36 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को जैविक खेती के अंतर्गत लाया गया है और 2.74 लाख किसानों को इसका लाभ मिला है।
ठाकुर ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन (एनएमएनएफ) के तहत अब तक 23.13 लाख किसान पंजीकृत हो चुके हैं और 11.44 लाख हेक्टेयर क्षेत्र प्राकृतिक कृषि के अंतर्गत कवर किया गया है।