Bihar: Investigation launched into use of cardboard splint for fracture treatment at hospital
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
बिहार सरकार ने बेगूसराय जिले में एक सड़क दुर्घटना में घायल हुए एक व्यक्ति को प्राथमिक उपचार मुहैया कराने में अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा दिखाई गयी कथित लापरवाही की जांच शुरू कर दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
यह घटना 15 जुलाई की है लेकिन इसका खुलासा सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित एक वीडियो के बाद हुआ।
वीडियो में एक मरीज के टूटे हुए पैर पर गत्ता बांधकर उसे ‘स्प्लिंट’ के रूप में कथित तौर पर इस्तेमाल करते हुए देखा जा सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, नवकोठी थाना क्षेत्र के महेशवारा गांव निवासी कृष्ण कुमार 15 जुलाई की रात एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उन्हें इलाज के लिए मंझौल अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया।
बेगूसराय के सिविल सर्जन अशोक कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “इसे चिकित्सकीय लापरवाही नहीं कहा जा सकता, क्योंकि यह मरीज की जान बचाने के उद्देश्य से अपनाया गया एक अस्थायी उपाय था। हालांकि, यह प्रक्रिया किन परिस्थितियों में अपनाई गई, इसका पता लगाने के लिए हमने जांच शुरू कर दी है।”