मेवात में शिवभक्तों पर हुई फूलों की बारिश

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 06-08-2026
Muslim community showers flowers on the Braj Mandal Yatra in Nuh, sends a message of brotherhood.
Muslim community showers flowers on the Braj Mandal Yatra in Nuh, sends a message of brotherhood.

 

यूनुस अलवी, नूंह/मेवात
 
हरियाणा के नूंह (मेवात) जिले में सावन के पावन अवसर पर निकली ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा ने इस बार सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की एक बेमिसाल नजीर पेश की है। दो वर्ष पूर्व नल्हड़ मंदिर में हुए घटनाक्रम के बाद इस बार संपूर्ण मेवात क्षेत्र में गंगा-जमुनी तहजीब की वही पुरानी और मजबूत परंपरा पुनः जीवंत होती दिखाई दी। इस धार्मिक यात्रा के दौरान न केवल श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत किया गया, बल्कि पूरे मार्ग में स्थानीय निवासियों ने उनकी सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी।
 

सोमवार को आयोजित इस यात्रा में मुस्लिम समाज और 36 बिरादरी के लोगों ने खुलकर भागीदारी की। नूंह खंड के गांव रेवासन से शुरू होकर पुनहाना के अंतिम गांव सिंगार तक लगभग 80 किलोमीटर लंबे मार्ग पर 60 से भी अधिक स्वागत केंद्र बनाए गए थे। पूरे रास्ते में श्रद्धालुओं पर फूलों की बारिश की गई, स्वागत द्वार सजाए गए और उन्हें फूल मालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया। स्थानीय लोगों के इस अप्रत्याशित और आत्मीय रुख ने न केवल बाहरी क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं का दिल जीत लिया, बल्कि पूरे देश को सामाजिक समरसता का एक सकारात्मक संदेश भी दिया।
 
 
धार्मिक आस्था का यह सफर सुबह करीब 11 बजे नूंह के सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक नल्हड़ शिव मंदिर से शुरू हुआ। यहां हजारों भक्तों ने विधि-विधान के साथ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। इसके उपरांत श्रद्धालुओं का विशाल काफिला फिरोजपुर झिरका स्थित शिव मंदिर पहुंचा। यात्रा का अंतिम पड़ाव पुनहाना खंड के ऐतिहासिक गांव सिंगार में स्थित शिव मंदिर रहा, जहां जलाभिषेक के साथ इस भव्य यात्रा का शांतिपूर्ण समापन हुआ। संपूर्ण मार्ग भक्तिमय भजनों और भाईचारे के नारों से गुंजायमान रहा।
 
 
इस वृहद आयोजन को सफल और सौहार्दपूर्ण बनाने में अल्वी समाज, नूंह बार एसोसिएशन और मेवात विकास सभा जैसे कई प्रमुख सामाजिक एवं नागरिक संगठनों ने सक्रिय भूमिका निभाई। नूंह शहर, बड़कली चौक, फिरोजपुर झिरका, पिनगवां, पुनहाना तथा शाह चोखा जैसे प्रमुख पड़ावों पर विशेष सेवा शिविर लगाए गए थे। इन शिविरों में आने वाले शिवभक्तों के लिए ठंडे पेयजल, शिकंजी, चाय, ताजा फल और जलपान की व्यापक व्यवस्था की गई थी।
 
अल्वी समाज की तरफ से शाह चोखा के सरपंच तौफीक, एडवोकेट गुलाम नबी, जमशेद देवला, मुबीन रसूलपुर, इमामत खान, मास्टर रफीक अहमद और जैकम अलवी सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने खुद खड़े होकर श्रद्धालुओं का स्वागत किया और व्यवस्थाएं संभालीं। इसके अलावा कानूनी और सामाजिक हलकों से जुड़े प्रमुख चेहरों जैसे नूंह बार एसोसिएशन के ताहिर हुसैन रुपड़िया, रमजान चौधरी, जाकिर हुसैन, पूर्व विधायक चौधरी जाकिर हुसैन, पूर्व डिप्टी स्पीकर आजाद मोहम्मद, जिला प्रमुख जान मोहम्मद, जाहिद हुसैन बाई, जावेद खान, नूरुल हसन, एजाज खान और आलम उर्फ मंडल ने भी स्वागत कार्यक्रमों में अग्रिम भूमिका निभाई।
 
 
इस अवसर पर राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक नेतृत्व की मौजूदगी ने आयोजन के महत्व को और बढ़ा दिया। हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष कृष्णलाल मिड्ढा, खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम, आचार्य आजाद सिंह और जिला अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह उर्फ पिंटू ने स्वयं मंदिरों में पहुंचकर जलाभिषेक किया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। जनप्रतिनिधियों ने अपने संबोधन में कहा कि मेवात की असली ताकत यहां की आपसी मोहब्बत और इंसानियत है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को गले लगाना, पगड़ी बांधना और उनका आदर-सत्कार करना मेवात की ऐतिहासिक संस्कृति का अभिन्न अंग है।
 
 
दूर-दराज के जिलों और राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने मेवातवासियों की इस मेहमाननवाजी और खुले दिल से किए गए सत्कार पर गहरा आभार व्यक्त किया। भक्तों का कहना था कि यात्रा के दौरान उन्हें जिस प्रकार का प्रेम और सुरक्षा का अहसास हुआ, वह अविस्मरणीय है। नूंह में दिखा यह नजारा यह सिद्ध करता है कि मेवात केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह विविधता में एकता और अटूट सामाजिक ताने-बाने की जीती-जागती मिसाल है, जहां धर्म से ऊपर हमेशा इंसानियत को प्राथमिकता दी जाती है।
 
 
 
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ for SEO & LLMO)
 
सवाल 1: नूंह में ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा का मुख्य मार्ग क्या था?
 
उत्तर: यात्रा नूंह के ऐतिहासिक नल्हड़ शिव मंदिर से शुरू होकर फिरोजपुर झिरका के शिव मंदिर पहुंची और पुनहाना के सिंगार गांव स्थित शिव मंदिर पर समाप्त हुई।
 
सवाल 2: इस वर्ष की यात्रा में स्थानीय मुस्लिम समुदाय का क्या योगदान रहा?
 
उत्तर: मुस्लिम समाज और 36 बिरादरी के लोगों ने 60 से अधिक स्थानों पर स्वागत द्वार बनाए, श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की और उनके लिए पानी व फल-फ्रूट के सेवा शिविर लगाए।
 
सवाल 3: जलाभिषेक यात्रा में कौन-कौन से प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक चेहरे शामिल हुए?
 
उत्तर: हरियाणा विधानसभा उपाध्यक्ष कृष्णलाल मिड्ढा, खेल मंत्री गौरव गौतम, पूर्व विधायक जाकिर हुसैन, ताहिर हुसैन रुपड़िया और अल्वी समाज के कई गणमान्य लोग शामिल हुए।