इलाज के बाद नेपाल लौटे देउबा, समर्थकों ने किया जोरदार स्वागत

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 13-08-2026
Nepal's ex-PM Deuba, beaten in Gen-Z protest, returns after months abroad for treatment, receives grand welcome
Nepal's ex-PM Deuba, beaten in Gen-Z protest, returns after months abroad for treatment, receives grand welcome

 

काठमांडू,

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा गुरुवार को करीब छह महीने विदेश में इलाज कराने के बाद काठमांडू लौट आए। पिछले साल सितंबर में Gen-Z आंदोलन के दौरान अपने आवास पर हुए हमले में घायल हुए देउबा का त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया।

80 वर्षीय देउबा 25 फरवरी को अपनी पत्नी और पूर्व मंत्री आरजू राणा देउबा के साथ इलाज के लिए सिंगापुर गए थे। हालांकि, गुरुवार को वह अकेले नेपाल लौटे। हवाईअड्डे पर उनके स्वागत के लिए संगीत दल और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया। नेपाली कांग्रेस के गैर-संस्थापन धड़े की राष्ट्रीय सभा में शामिल होने के लिए देशभर से काठमांडू पहुंचे पार्टी कार्यकर्ता भी देउबा के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पर मौजूद रहे।

नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बिमलेंद्र निधि ने ANI से बातचीत में कहा कि पिछले साल हुए प्रदर्शन के दौरान देउबा और उनकी पत्नी घायल हो गए थे, जिसके बाद दोनों इलाज के लिए विदेश गए थे। उन्होंने कहा कि देउबा के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता यहां पहुंचे हैं और वह शुक्रवार को नेपाली कांग्रेस की राष्ट्रीय सभा को संबोधित करेंगे।

पिछले साल 9 सितंबर को Gen-Z आंदोलन के दौरान एक भीड़ ने देउबा के आवास पर हमला कर दिया था। इस घटना में देउबा और उनकी पत्नी आरजू राणा देउबा गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसके बाद दोनों इलाज के लिए नेपाल से बाहर चले गए थे। बाद में यह दंपति हांगकांग में भी देखा गया था। हालांकि, उन्होंने अपने इलाज या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बारे में सार्वजनिक रूप से विस्तृत जानकारी नहीं दी।

देउबा की नेपाल वापसी ऐसे समय हुई है, जब नेपाली कांग्रेस के गैर-संस्थापन धड़े की राष्ट्रीय सभा 14 से 16 अगस्त तक काठमांडू में आयोजित होने वाली है। देउबा शुक्रवार को इस सभा को संबोधित करेंगे। पार्टी के भीतर नेतृत्व और संगठनात्मक पुनर्गठन को लेकर लंबे समय से मतभेद चल रहे हैं।

नेपाली कांग्रेस की केंद्रीय समिति के सूचना, संचार एवं प्रचार विभाग के प्रमुख मीन बहादुर विश्वकर्मा ने कहा कि देउबा का लंबा राजनीतिक अनुभव नेपाल की विभिन्न राजनीतिक शक्तियों को साथ लाने में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि देउबा पांच बार प्रधानमंत्री रह चुके हैं और उन्होंने लंबे समय तक विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ समन्वय किया है। ऐसे में वह देश की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों में एक साझा और मार्गदर्शक भूमिका निभा सकते हैं।

विश्वकर्मा ने यह भी कहा कि देउबा फिलहाल लंबे समय तक नेपाल में रहने की योजना बना रहे हैं और विभिन्न राजनीतिक नेताओं से मुलाकात करेंगे।

नेपाली कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर विवाद

देउबा की वापसी के साथ ही नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर चल रहा कानूनी विवाद भी चर्चा में है। 17 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने गगन थापा धड़े को नेपाली कांग्रेस का आधिकारिक पक्ष माना था। इसके कुछ महीने पहले विशेष आम अधिवेशन के जरिए थापा ने देउबा को पार्टी नेतृत्व से हटा दिया था।

हालांकि, अगस्त के पहले सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका स्वीकार करते हुए मामले को तीन न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष नए सिरे से सुनवाई के लिए भेज दिया। अब इस मामले में आने वाला फैसला नेपाली कांग्रेस की आधिकारिक स्थिति और नेतृत्व को लेकर महत्वपूर्ण होगा।

पूर्व गृह मंत्री बिमलेंद्र निधि ने पार्टी के भीतर चल रहे घटनाक्रम को नेपाल की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि नेपाली कांग्रेस का अधिवेशन पार्टी को मजबूत और एकजुट करेगा।

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी जांच जारी

देउबा की वापसी ऐसे समय भी हुई है, जब वह एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच का सामना कर रहे हैं। यह जांच पिछले साल नवंबर में शुरू हुई थी। इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग जांच विभाग ने देउबा, उनकी पत्नी, उनके बेटे जयवीर सिंह देउबा और कुछ रिश्तेदारों के नाम दर्ज चल और अचल संपत्तियों को फ्रीज कर दिया था।

प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की सरकार ने जांच विभाग के अनुरोध पर देउबा और उनकी पत्नी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किए थे। सरकार ने इंटरपोल से रेड नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था, लेकिन इंटरपोल ने इसे स्वीकार नहीं किया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 25 मई को गिरफ्तारी वारंट को रद्द कर दिया।

निधि ने देउबा पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये राजनीतिक बदले की कार्रवाई हैं और सभी मामलों का समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा।

देउबा ने कहा- सत्ता के लिए नहीं, राष्ट्रीय एकता मजबूत करने लौटा हूं

काठमांडू पहुंचने के बाद देउबा ने राष्ट्रीय और पार्टी एकता का आह्वान किया। गुरुवार को जारी बयान में उन्होंने कहा कि वह सत्ता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से नेपाल लौटे हैं।

उन्होंने कहा कि देश में पिछले विभाजनों और दुश्मनी से पैदा हुए घावों को भरने की जरूरत है और बदले की राजनीति के बजाय मेल-मिलाप का रास्ता अपनाया जाना चाहिए।

Gen-Z आंदोलन का उल्लेख करते हुए देउबा ने कहा कि नेपाली कांग्रेस ने युवा पीढ़ी द्वारा मांगे गए बदलाव को स्वीकार किया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि बदलाव का अर्थ यह नहीं है कि पिछली पीढ़ियों के संघर्ष, बलिदान और योगदान को गलत या विफल करार दिया जाए।

उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की जिम्मेदारी जनता की बदलाव की इच्छा का सम्मान करना है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि लोकतंत्र में यदि नई जनादेश से बनी सरकार जनता के वोट का सम्मान नहीं करती, तो कोई भी व्यक्ति जनता से ऊपर नहीं हो सकता।

देउबा ने नेपाली कांग्रेस के भीतर मतभेदों और असंतोष को तत्काल दूर करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संसद में पार्टी की संख्या चाहे बड़ी हो या छोटी, नेपाली कांग्रेस ने 2007 बीएस से नेपाल में कई महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलावों का नेतृत्व किया है।

उन्होंने कहा कि पार्टी को किसी व्यक्ति के अहंकार के आधार पर नहीं, बल्कि जनता के सर्वोच्च हित को केंद्र में रखकर आगे बढ़ना चाहिए।

देउबा ने युवा पीढ़ी को नेतृत्व में अधिक अवसर देने की वकालत की, लेकिन इस धारणा को खारिज किया कि पुरानी और अनुभवी पीढ़ी अपने आप में समस्या है। उन्होंने कहा कि अपने लंबे राजनीतिक अनुभव को युवा पीढ़ी के साथ साझा करना उनकी जिम्मेदारी है।

उन्होंने संविधान की रक्षा और आवश्यक संशोधनों के लिए राष्ट्रीय सहमति की जरूरत पर भी जोर दिया। देउबा ने नेपाली कांग्रेस से एकजुट रहने और अन्य राजनीतिक दलों के साथ सहमति एवं सहयोग के जरिए राष्ट्रवाद और लोकतंत्र को मजबूत करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि अपने पूरे राजनीतिक जीवन में उन्होंने राष्ट्र, लोकतंत्र, नागरिकों, संविधान और कानून को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। देउबा ने कहा, “मेरी जिंदगी एक खुली किताब है।” उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने जीवन के अंत तक देश, राष्ट्रीय हित, लोकतंत्र, संविधान, कानून, नैतिकता और मूल्यों के अनुरूप काम करते रहेंगे।

देउबा ने स्पष्ट किया कि वह सत्ता की तलाश में नेता के रूप में नहीं, बल्कि देश के एक नागरिक के रूप में नेपाल लौटे हैं और विनम्रता, समर्पण और प्रेम के साथ देश की सेवा करना चाहते हैं।

उनका यह आह्वान नेपाली कांग्रेस में बढ़ते आंतरिक मतभेदों के बीच आया है। पार्टी के विभिन्न धड़े राष्ट्रीय सभा की तैयारी कर रहे हैं और पार्टी के भविष्य के नेतृत्व तथा राजनीतिक दिशा को लेकर अपनी-अपनी रणनीति बना रहे हैं।