म्यांमार कैंप केस: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश हुए वैनडाइक

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 01-10-2026
Myanmar Training camp case: Matthew VanDyke appears through video conferencing for hearing from USA
Myanmar Training camp case: Matthew VanDyke appears through video conferencing for hearing from USA

 

नई दिल्ली 
 
अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक अपने देश से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए राउज़ एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कहा कि उनके पास 21 अक्टूबर को भारत लौटने का एयर टिकट है और वह कोर्ट में पेश होंगे। वैनडाइक म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामले में आरोपी हैं। इस मामले में छह यूक्रेनी नागरिक भी आरोपी हैं। सभी आरोपी डिफ़ॉल्ट ज़मानत पर हैं और कोर्ट से विदेश यात्रा की इजाज़त मिलने के बाद से एक महीने से अपने-अपने देशों में हैं। यूक्रेनी नागरिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए पेश नहीं हुए। उनकी तरफ़ से पेश न होने की छूट के लिए अर्ज़ी दी गई थी। राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने NIA की चार्जशीट पर विचार करने के लिए 23 अक्टूबर की तारीख तय की।
 
वकील अमित रोहिला ने NIA के प्रॉक्सी वकील के तौर पर पेश होकर कहा कि NIA कोर्ट को आगे की जांच और सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करने के बारे में जानकारी देगी। 8 सितंबर को NIA ने UAPA की धाराओं को शामिल किए बिना चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें सिर्फ़ इमिग्रेशन और फॉरेनर्स एक्ट के तहत अपराधों से जुड़ी धाराएं लगाई गई थीं। इन अपराधों का निपटारा FRRO के सामने किया जा चुका है।
 
चार्जशीट दाखिल करते समय NIA ने कहा था कि आगे की जांच चल रही है और अगर UAPA के तहत कोई अपराध बनता है तो सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जाएगी। चार्जशीट 180 दिन की कस्टडी के बाद दाखिल की गई थी, इसलिए कोर्ट ने हर आरोपी को 1 लाख रुपये जमा करने पर डिफ़ॉल्ट ज़मानत दे दी थी।
 
कोर्ट ने कहा कि आरोपियों ने डिफ़ॉल्ट ज़मानत के लिए यह अर्ज़ी दाखिल की थी, जिसमें कहा गया था कि अधूरी चार्जशीट के कारण वे डिफ़ॉल्ट ज़मानत के हकदार हैं। आवेदक ने डिफ़ॉल्ट ज़मानत मांगी है। यह बात मानी गई है कि NIA 180 दिनों की तय समय-सीमा के भीतर UAPA अपराधों की जांच पूरी नहीं कर सकी। NIA ने UAPA के तहत दर्ज मामले में मार्च 2026 में आरोपियों को गिरफ़्तार किया था। NIA ने जांच की अवधि दो बार बढ़ाई थी।