आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
) केरल प्रदेश स्कूल शिक्षक संघ (केपीएसटीए) के पदाधिकारियों ने राज्य के मुख्यमंत्री चुने गए वी.डी. सतीशन से शनिवार को मुलाकात की और नयी सरकार में शिक्षा विभाग कांग्रेस के पास रखने की मांग रखी।
कांग्रेस से जुड़े इस शिक्षक संगठन का कहना है कि जब भी गठबंधन के सहयोगी दलों को शिक्षा मंत्रालय दिया गया, तब-तब संगठन को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी नीत पूर्ववर्ती संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार में शिक्षा विभाग इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के पास था।
केपीएसटीए के राज्य सहायक महासचिव टी.यू. सादात ने संवाददाताओं से कहा कि संगठन के नेताओं ने सतीशन के साथ बैठक में यह मांग रखी।
उन्होंने कहा, ‘‘एक प्रमुख शिक्षक संगठन के रूप में हमें तब परेशानी का सामना करना पड़ता है जब कांग्रेस के सत्ता में आने के बावजूद शिक्षा मंत्रालय किसी सहयोगी दल को दे दिया जाता है।’’
सादात ने यह भी कहा कि संगठन ने हाल में अपने राज्य शिविर में एक प्रस्ताव पारित कर शिक्षा विभाग कांग्रेस के पास रखने की मांग की थी।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने इस बारे में सतीशन को औपचारिक रूप से अवगत करा दिया है।’’
हाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी मांग की थी कि शिक्षा विभाग आईयूएमएल को न दिया जाए और इसे कांग्रेस के पास ही रखा जाए।
तिरुवनंतपुरम में शनिवार को यूडीएफ के सहयोगी दलों के बीच बातचीत के बाद विभागों के बंटवारे पर अंतिम फैसला होने की उम्मीद है। केरल मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित कुल 21 मंत्री होंगे।