Jharkhand trade body demands withdrawal of decision to levy MDR charges on UPI transactions
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
झारखंड के एक व्यापार संगठन ने केंद्र सरकार से ‘यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस’ (यूपीआई) के जरिये 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर ‘मर्चेंट डिस्काउंट रेट’ (एमडीआर) शुल्क लगाए जाने का फैसला वापस लेने का आग्रह किया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि ‘फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज’ (एफजेसीसीआई) के अध्यक्ष तुलसी पटेल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा और इस व्यवस्था के लागू होने से व्यापार एवं उद्योग जगत को होने वाली परेशानियों से उन्हें अवगत कराया।
एफजेसीसीआई की ओर से बृहस्पतिवार रात जारी एक बयान के अनुसार, पटेल ने पत्र में कहा, ‘‘यूपीआई के जरिये 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लगाए जाने से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की परिचालन लागत बढ़ सकती है।’’
एमडीआर वह शुल्क है जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारी द्वारा यूपीआई भुगतान प्रणाली में शामिल भागीदारों को दिया जाता है।