J-K: सुरक्षा बलों ने गंभीर मुगलन के जंगलों में आतंकवाद-रोधी तलाशी अभियान तेज किया

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 04-06-2026
J-K: Security Forces intensify Anti-Terror search in Gambhir Mughlan forests
J-K: Security Forces intensify Anti-Terror search in Gambhir Mughlan forests

 

राजौरी (जम्मू और कश्मीर)
 
सुरक्षा बलों ने जम्मू और कश्मीर के राजौरी में मंजाकोट सेक्टर के गंभीर मुगलन वन क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज कर दिया है, जहाँ फिलहाल एक आतंकवाद-विरोधी अभियान चल रहा है। सुरक्षा बल उन संदिग्ध आतंकवादियों का पता लगाने के प्रयास जारी रखे हुए हैं, जिनके बारे में माना जा रहा है कि वे इस क्षेत्र में छिपे हुए हैं। इस अभियान को 'ऑपरेशन शेरवाली' कोडनेम दिया गया है, जिसे सेना, जम्मू और कश्मीर पुलिस और CRPF मिलकर चला रहे हैं। यह अभियान विशिष्ट खुफिया जानकारी मिलने के बाद शुरू किया गया था, जिसमें इस क्षेत्र में संदिग्ध आतंकवादियों की मौजूदगी का संकेत मिला था। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संदिग्ध उग्रवादी निर्धारित क्षेत्र के भीतर ही फंसे रहें, जबकि तलाशी दल अपना अभियान जारी रखें।
 
कठिन इलाका और घने जंगल इस मिशन की जटिलता को और बढ़ा रहे हैं, जिसके चलते सुरक्षा बलों को लगातार निगरानी रखते हुए सावधानी से आगे बढ़ना पड़ रहा है। सुरक्षा एजेंसियां ​​संदिग्ध आतंकवादियों की गतिविधियों पर नज़र रखने और इस क्षेत्र में उनकी मौजूदगी से पैदा होने वाले किसी भी खतरे को खत्म करने के लिए अपने सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर रही हैं। पूरा क्षेत्र कड़ी सुरक्षा घेरे में है, और कुछ खास जगहों पर आवाजाही पर कड़ी नज़र रखी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक कि पूरा क्षेत्र पूरी तरह से सुरक्षित (सैनिटाइज) नहीं हो जाता और सुरक्षा से जुड़ी सभी चिंताओं का समाधान नहीं हो जाता।
 
इस बीच, राजौरी में ही, वन संरक्षक (पश्चिमी वृत्त), राजौरी, सत पाल ने बताया कि पिछले 12 हफ्तों में राजौरी जिले में जंगल में आग लगने की कम से कम 45 घटनाएं दर्ज की गई हैं। राजौरी वन प्रभाग की कालाकोट तहसील के सियालसुई खादर वन क्षेत्र से मिली ताज़ा तस्वीरों में जंगल का एक बड़ा हिस्सा आग की लपटों में घिरा हुआ दिखाई दे रहा है। ये घटनाएं जम्मू और कश्मीर के कई हिस्सों में चल रहे गर्म और शुष्क मौसम के कारण जंगल में आग लगने की लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच हुई हैं।
 
ANI से बात करते हुए सत पाल ने बताया कि राजौरी और नौशेरा वन प्रभागों में कुल मिलाकर आग लगने की लगभग 45 घटनाएं दर्ज की गई हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि हाल ही में हुई बारिश और उसके परिणामस्वरूप तापमान में आई गिरावट से आने वाले दिनों में ऐसी घटनाओं की संख्या कम करने में मदद मिलेगी।