नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम (केरल)
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को आधिकारिक तौर पर केरल में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगमन की घोषणा कर दी। इसके साथ ही चार महीने तक चलने वाले बारिश के मौसम की शुरुआत हो गई है, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि मॉनसून के आने की सामान्य तारीख 1 जून है, लेकिन इस साल यह 4 जून को आया, यानी इसमें तीन दिन की देरी हुई।
मॉनसून ने लक्षद्वीप के सभी द्वीपों, केरल और माहे को पूरी तरह से कवर कर लिया है। यह दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के बाकी हिस्सों में भी आगे बढ़ गया है। अगले दो से तीन दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के मध्य अरब सागर के कुछ और हिस्सों, पूरे गोवा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों, कर्नाटक के कुछ और हिस्सों, तमिलनाडु के बाकी हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों, और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए स्थितियां अनुकूल हैं। IMD ने बताया कि इस साल भारत में लंबी अवधि के औसत (LPA) का 90% बारिश होने की उम्मीद है।
पिछले दो दिनों के दौरान, दक्षिण-पूर्व अरब सागर में संवहनी बादल छाने की स्थिति बढ़ गई थी। दक्षिण-पूर्व अरब सागर के ऊपर पछुआ हवाओं की गहराई समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक फैली हुई है। निचले स्तरों में पछुआ हवाओं की गति लगभग 20-25 नॉट्स है। पिछले दो दिनों के दौरान केरल में व्यापक बारिश हुई है, और कुछ जगहों पर भारी बारिश भी दर्ज की गई है। IMD ने कहा कि अगले 6-7 दिनों के दौरान केरल में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश (7-20 सेमी) होने की बहुत अधिक संभावना है, और तमिलनाडु तथा कर्नाटक में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।
इस बीच, दिल्ली में गुरुवार को न्यूनतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, और मौसम विभाग ने बारिश तथा आंधी-तूफान के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है।