आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के प्रदेश अध्यक्ष सैय्यद सादिक अली शिहाब थंगल ने कहा है कि पार्टी ने राज्य सरकार में मंत्रिपदों के लिए कोई औपचारिक दावा नहीं किया है, लेकिन उसे पांच मंत्री पद मिलने की उम्मीद है।
थंगल ने शुक्रवार देर रात तिरुवनंतपुरम जाने के लिए ट्रेन में सवार होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। तिरुवनंतपुरम में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के सहयोगी दलों की बैठक हो रही है, जिसमें मंत्रिमंडल को अंतिम रूप दिया जाएगा।
साल 2011-2016 की ओमन चांडी सरकार में आईयूएमएल के पांच मंत्री थे।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने कोई दावा पेश नहीं किया है। बातचीत जारी है। हमें उम्मीद है कि अंतिम निर्णय में सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा।’’
मुख्यमंत्री के चयन को लेकर विपक्षी दलों और जातीय संगठनों द्वारा निशाना साधे जाने पर थंगल ने कहा, ‘‘पत्थर उसी पेड़ पर फेंके जाते हैं, जिस पर फल लगे हों।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सभी पहलुओं की समीक्षा करने के बाद कांग्रेस आलाकमान ने वी डी सतीशन को मुख्यमंत्री चुनने का फैसला किया। यह सबको पता है। इसके पीछे आईयूएमएल का कोई दबाव नहीं था।’’
मुख्यमंत्री पद नहीं मिलने पर कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला की नाराजगी के बारे में पूछे जाने पर थंगल ने कहा कि आईयूएमएल के यूडीएफ के सभी नेताओं से अच्छे संबंध हैं और वह चाहती है कि सभी एकजुट होकर आगे बढ़ें।
उन्होंने कहा कि आईयूएमएल के मंत्रियों के नाम अभी तय नहीं हुए हैं और पार्टी की बैठक के बाद उन्हें अंतिम रूप दिया जाएगा।
यह पूछे जाने पर कि क्या कोझिकोड से कोई मंत्री होगा, इस पर उन्होंने कहा कि यह जिला भी केरल का हिस्सा है और उसे मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।