आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
महाराष्ट्र के जलाशयों में घटते जलस्तर के मद्देनजर मुंबई में एहतियाती तौर पर 10 प्रतिशत पानी की कटौती लागू की गई है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने चेतावनी दी कि बिजली के पंपों का इस्तेमाल करके पाइपलाइन पानी खींचने वाले नागरिकों के खिलाफ आपराधिक मामलों सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
महानगर पालिका ने शुक्रवार से महानगर में एहतियाती उपाय के तौर पर 10 प्रतिशत पानी की कटौती लागू की है। पानी की यह कटौती जलाशयों में घटते जल भंडार और अल नीनो से जुड़े सामान्य से कम मानसून के पूर्वानुमान के मद्देनजर की गई है।
बीएमसी के अनुसार, 11 मई को मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाले सात जलाशयों में कुल उपयोग योग्य जल भंडार 340,399 मिलियन लीटर था, जो 14,47,363 मिलियन लीटर की वार्षिक आवश्यकता का 23.52 प्रतिशत है।
अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजनाएं) अभिजीत बांगर ने शुक्रवार को निकाय अधिकारियों को अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया और कहा कि बार-बार उल्लंघन करने वालों की पानी की आपूर्ति काट दी जाएगी।
बांगर ने बताया कि नगर प्रशासन द्वारा किए गए निरीक्षणों में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें निवासी अतिरिक्त पानी निकालने के लिए बिजली के पंप सीधे पाइपलाइन और नल कनेक्शन पर लगा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप अन्य क्षेत्रों में कम दबाव वाली पानी की आपूर्ति हो रही है।
उन्होंने बताया कि इस तरह की अवैध गतिविधियां जल वितरण प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं और पाइपलाइन में दूषित पानी के प्रवेश का खतरा बढ़ाती हैं।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अनधिकृत पंपों को जब्त करने, जुर्माना लगाने और उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।