आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
औद्योगिक बदलाव में तेजी लाने वाली वैश्विक पहल ‘इंडस्ट्रियल ट्रांजिशन एक्सेलरेटर’ (आईटीए) ने भारत में महत्वपूर्ण स्वच्छ औद्योगिक परियोजनाओं को गति देने के लिए ‘भारतीय परियोजना समर्थन कार्यक्रम’ के तहत 11 परियोजनाओं का चयन किया है।
आईटीए ने बृहस्पतिवार को बयान में कहा कि इन परियोजनाओं को उनकी जरूरत के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इन परियोजनाओं से विभिन्न क्षेत्रों में सालाना 78 लाख टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन कटौती की जा सकती है।
संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (सीओपी28) में शुरू 'आईटीए' ऊर्जा-गहन उद्योगों और परिवहन क्षेत्रों में औद्योगिक बदलाव को तेज करने के लिए काम करने वाली एक वैश्विक बहु-पक्षीय पहल है।
बयान के मुताबिक, जिंदल स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, एसीएमई समूह, यामना, सर्कुलर अर्बन एनर्जी (सीयूई) और रिन्यू जैसी कंपनियों की अगुवाई वाली चयनित परियोजनाओं में 1,800 करोड़ डॉलर से अधिक के संभावित निवेश की संभावना है।
इन परियोजनाओं से भवनों और बुनियादी ढांचे के लिए जरूरी इस्पात और कंक्रीट जैसी स्वच्छ सामग्री, विमानन और जहाजरानी के लिए कम उत्सर्जन वाले ईंधन तथा कृषि उर्वरकों के लिए महत्वपूर्ण अमोनिया जैसे रसायनों का उत्पादन होगा।
इंडस्ट्रियल ट्रांजिशन एक्सेलरेटर के प्रबंध निदेशक जेम्स स्कोफील्ड ने कहा, ‘‘भू-राजनीतिक अस्थिरता से प्रभावित दुनिया में घरेलू स्तर पर स्वच्छ सामग्री का प्रतिस्पर्धी ढंग से उत्पादन आर्थिक मजबूती और दीर्घकालिक वृद्धि का महत्वपूर्ण आधार होगा।’’
आईटीए ब्राजील, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), भारत और मिस्र में अपने कार्यक्रमों के तहत फिलहाल 39 परियोजनाओं को समर्थन दे रहा है। इन परियोजनाओं में 6,000-6,500 करोड़ डॉलर के निवेश की संभावना है।