लोगों की आवाज़ दबाने के लिए आईटी नियम कड़े किए गए: केजरीवाल

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 07-08-2026
IT rules tightened to suppress people's voice: Kejriwal
IT rules tightened to suppress people's voice: Kejriwal

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने लोगों की शिकायतों का समाधान करने के बजाय आलोचना को दबाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियम, 2021 को और कड़ा कर दिया है।

‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए एक वीडियो बयान में केजरीवाल ने कहा कि सरकारों को सार्वजनिक चर्चा को नियंत्रित करने की कोशिश करने के बजाय शासन पर ध्यान देना चाहिए।
 
केजरीवाल के आरोपों पर सरकार या सत्ताधारी भाजपा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
 
केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को आईटी नियम, 2021 में बदलावों का ऐलान किया, जिसके तहत संवेदनशील मामलों में ऑनलाइन सामग्री हटाने के लिए सोशल मीडिया मंच को मिलने वाले समय को पहले के 24 घंटे से घटाकर दो घंटे कर दिया गया है।
 
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, डीपफेक और एआई से बनी सामग्री जैसी सिंथेटिक रूप से बनाई गई जानकारी (एसजीआई) से होने वाले नुकसान से निपटने के लिए नियामक कार्यढांचे को मजबूत करने के मकसद से 10 फरवरी, 2026 को नियमों में बदलाव किए गए।
 
जंतर-मंतर पर हाल ही में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए, केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार लोगों की शिकायतों का जवाब देने के बजाय जनता की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।
 
उन्होंने कहा कि ऐसे उपायों से आलोचना को दबाया नहीं जा सकता।
 
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारों को जनता की बातचीत को नियंत्रित करने की कोशिश करने के बजाय कामकाज पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग उन्हीं का समर्थन करेंगे जो अच्छा काम करेंगे।
 
केजरीवाल ने दावा किया कि आलोचना को दबाने की कोशिशों से जनता में नाराजगी ही बढ़ेगी।