हैरानी है कि पढ़े-लिखे लोग भी ‘डिजिटल अरेस्ट’ का शिकार हो रहे हैं: प्रधान न्यायाधीश

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 20-04-2026
It is surprising that even educated people are becoming victims of 'digital arrest': Chief Justice
It is surprising that even educated people are becoming victims of 'digital arrest': Chief Justice

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने सोमवार को कहा कि यह हैरानी की बात है कि पढ़े-लिखे लोग भी ‘डिजिटल अरेस्ट’ का शिकार हो रहे हैं।
 
न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची के साथ पीठ की अध्यक्षता कर रहे प्रधान न्यायाधीश ने हाल में एक बुजुर्ग महिला के मामले का उल्लेख किया जिन्हें साइबर अपराधियों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर उनकी सेवानिवृत्ति पर मिली पूरी राशि ठग ली।
 
प्रधान न्यायाधीश ने ये टिप्पणियां उस समय कीं, जब अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणि ने पीठ के समक्ष ‘डिजिटल अरेस्ट’ के पीड़ितों से जुड़े स्वतः संज्ञान मामले का उल्लेख किया।
 
शीर्ष न्यायिक अधिकारी ने कहा, ‘‘बैठकें हो चुकी हैं। हम बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।’’ इसके बाद उन्होंने मामले को 12 मई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया।
 
सीजेआई ने उस बुजुर्ग महिला का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘दुर्भाग्य से, उनकी सेवानिवृत्ति की पूरी राशि ठग ली गई।’’
 
एक वकील ने पीठ को बताया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा इस मुद्दे पर सुनवाई के बावजूद ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इस पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘यह हैरान करने वाला है कि पढ़े-लिखे लोग भी इस तरह ठगे जा रहे हैं।’’
 
पीठ ने मामले को 12 मई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।