Information about Hindu gods and goddesses should be included in textbooks: Bhagwat
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदू देवी-देवताओं के बारे में जानकारी पाठ्यपुस्तकों में शामिल किए जाने की पैरवी करते हुए कहा है कि अभिभावकों को भी अपने धर्म के बारे में बच्चों के सवालों का जवाब देने में सक्षम होना चाहिए।
भागवत ने शुक्रवार को ‘युगानुकूल मातृत्व’ विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चे हिंदू देवी-देवताओं के बारे में अक्सर सवाल पूछते हैं लेकिन माता-पिता कई बार उनका जवाब नहीं दे पाते।
उन्होंने कहा, ‘‘बच्चे अक्सर आकर ऐसे सवाल पूछते हैं, जिनका जवाब देना जरूरी होता है। वे पूछते हैं, ‘इन देवता का मुख वानर जैसा क्यों है? इन देवता का मुख हाथी जैसा क्यों है?’ लेकिन इसका जवाब न पिता को पता होता और ना ही मां को।’’
भागवत ने कहा, ‘‘इन बातों की जानकारी शुरू से ही पाठ्यपुस्तकों में होनी चाहिए। यह आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए। हम बच्चों को जो सिखाएंगे, वे वही ज्ञान हासिल करेंगे। शुरुआती 12 वर्ष में उनका पालन-पोषण हमारे हाथ में होता है। हमें उन्हें जानकारी देनी चाहिए और इसके लिए हमें भी सीखना होगा।’’
आरएसएस प्रमुख ने यह भी कहा कि मौजूदा पीढ़ी के बच्चों के पालन-पोषण के लिए अलग दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है और निर्देश देने के बजाय उनसे संवाद पर अधिक जोर दिया जाना चाहिए।