Arrest of former TDB chairman shows that gold theft in Sabarimala continued till 2025: Minister
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केरल के देवस्वओम एवं स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने शनिवार को कहा कि शबरिमला सोना चोरी मामले में त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) के पूर्व अध्यक्ष पी. एस. प्रशांत की गिरफ्तारी से संकेत मिलता है कि मंदिर की कलाकृतियों से सोने की कथित चोरी का सिलसिला वर्ष 2025 तक जारी रहा।
पूर्ववर्ती वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार के कार्यकाल में नियुक्त किए गए प्रशांत और टीडीबी के पूर्व सदस्य ए. अजीकुमार को हाल में शबरिमला मंदिर की कलाकृतियों से सोने की कथित चोरी की जांच कर रहे विशेष जांच दल ने गिरफ्तार किया था।
मुरलीधरन ने संवाददाताओं से कहा कि इन गिरफ्तारियों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि कथित चोरी वर्ष 2025 तक जारी रही।
मंत्री ने बताया कि उन्होंने प्रशांत और अजीकुमार की गिरफ्तारी से संबंधित मीडिया की खबरें देखी हैं।
उन्होंने दावा किया, ‘‘चोरी 2025 तक जारी रही। जितना संभव हो सका, उतना सोना लूटा गया।’’
गिरफ्तारी और विशेष जांच दल की जांच से जुड़े सवालों के जवाब में मुरलीधरन ने इस कार्रवाई को ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ बताए जाने के आरोपों को खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘यह पूरा घटनाक्रम हमारे कार्यकाल का नहीं है। जांच पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई थी। मीडिया में आई खबरों से पता चलता है कि हाल में निलंबित किए गए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक की भी विशेष जांच दल के सदस्यों के चयन में भूमिका थी। फिलहाल हम पूरे मामले पर करीबी नजर रखे हुए हैं। अंतिम आरोपपत्र दाखिल होने के बाद हम अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे।’’