नागीकानिज्सा (हंगरी)
भारत के 19 वर्षीय ग्रैंडमास्टर प्रनेश एम ने हंगरी के नागीकानिज्सा में आयोजित प्रतिष्ठित कानिज्सा ओपन 2026 के ग्रुप-ए का खिताब अपने नाम कर लिया। उन्होंने रविवार को खेले गए नौवें और अंतिम दौर में जर्मनी के वादिम पेट्रोव्स्की को हराकर शानदार अंदाज में टूर्नामेंट का समापन किया।
सफेद मोहरों से खेलते हुए प्रनेश ने पेट्रोव्स्की के खिलाफ निर्णायक जीत दर्ज की। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने टूर्नामेंट में अपनी मजबूत स्थिति कायम रखी और खिताब पर कब्जा किया।
प्रनेश की मौजूदा रेटिंग 2673 है और अगस्त 2026 की ताजा FIDE विश्व रैंकिंग में वह 44वें स्थान पर हैं। महज 19 वर्ष की उम्र में शीर्ष स्तर की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में यह उपलब्धि भारतीय शतरंज के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है।
हंगरी स्थित भारतीय दूतावास ने भी प्रनेश की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी। दूतावास ने सोशल मीडिया पोस्ट में उनकी जीत की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने मध्य यूरोप के प्रतिस्पर्धी ओपन टूर्नामेंटों में से एक में शानदार प्रदर्शन किया है।
दूतावास ने प्रनेश को बधाई देते हुए लिखा कि भारतीय प्रतिभा का वैश्विक मंच पर इस तरह चमकना गर्व की बात है। दूतावास ने यह भी उल्लेख किया कि हंगरी भारतीय शतरंज खिलाड़ियों के लिए लगातार सफल साबित हो रहा है।
कानिज्सा ओपन के नौ दौर के मुकाबलों में प्रनेश ने कुल 7 अंक हासिल किए। वह तीन अन्य खिलाड़ियों के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान पर रहे। अंतिम दौर में जीत हासिल कर उन्होंने खिताब अपने नाम किया और टूर्नामेंट में अपने शानदार प्रदर्शन को यादगार बना दिया।
तमिलनाडु के कराईकुडी से ताल्लुक रखने वाले प्रनेश ने कम उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय शतरंज में अपनी पहचान बनाई है। उनकी यह जीत ऐसे समय में आई है जब भारत के युवा शतरंज खिलाड़ी लगातार वैश्विक प्रतियोगिताओं में प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहे हैं।
भारतीय शतरंज की नई पीढ़ी के खिलाड़ियों की सफलता को देखते हुए प्रनेश की यह उपलब्धि भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हंगरी में भारतीय खिलाड़ियों के लगातार अच्छे प्रदर्शन के बीच कानिज्सा ओपन 2026 का खिताब प्रनेश के करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गया है।
नौवें दौर की जीत के बाद प्रनेश ने टूर्नामेंट का खिताब हासिल किया और यह साबित किया कि भारतीय शतरंज की युवा प्रतिभाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी जगह मजबूत कर रही हैं। उनकी इस सफलता से आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में भी उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद बढ़ गई है।