आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत यह सुनिश्चित करेगा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में समुद्री नाविकों की सुरक्षा तथा आतंकवाद के वित्तपोषण के मुकाबले सहित स्वतंत्र, खुले और नियम आधारित समुद्री व्यवस्था के मुद्दे पर ‘‘उचित ध्यान’’ दिया जाए, जिनकी आवश्यकता है।
जयशंकर ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में 2028-29 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अस्थायी सीट को लेकर भारत के आधिकारिक अभियान को शुरू करते हुए ये टिप्पणी की। इस कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र में तैनात राजदूत, राजनयिक और अधिकारी शामिल हुए थे।
भारत अब तक आठ बार यूएनएससी का अस्थायी सदस्य रहा है। पिछली बार वह 2021-22 में यूएनएससी का अस्थायी सदस्य बना था।
मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच वाणिज्यिक पोत पर हुए हमलों में कई भारतीय नाविक मारे गए हैं और कई लोगों को बचाया गया है।
जयशंकर ने कहा कि भारत ऐसे समय में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सदस्यता के लिए अपनी उम्मीदवारी पेश कर रहा है, जब दुनिया ‘‘एक गहरे विरोधाभास’’ का सामना कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया के पास इससे पहले कभी भी इतने बड़े पैमाने पर मानव कल्याण को आगे बढ़ाने की इतनी व्यापक क्षमता नहीं थी। साथ ही, हम टकराव, हिंसा और अस्थिरता का ऐसा स्तर देख रहे हैं, जिनसे वे लोग भी खतरे की जद में हैं, जो जो इन घटनाओं से बहुत दूर हो सकते हैं।’’