India will also give voice to the aspirations of the Global South at the G7 summit: PM Modi
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि आगामी ‘जी-7’ शिखर सम्मेलन में भारत न केवल अपनी बात रखेगा, बल्कि ‘ग्लोबल साउथ’ की आकांक्षाओं को भी आवाज देगा।
‘ग्लोबल साउथ’ शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर आर्थिक रूप से कम विकसित देशों के संदर्भ में किया जाता है।
फ्रांस और स्लोवाकिया की अपनी सप्ताह भर की यात्रा पर रवाना होने से पहले जारी वक्तव्य में मोदी ने कहा कि जी-7 में भारत की उपस्थिति उसके साझेदार देशों के भारत पर विश्वास और उसकी बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा को दर्शाती है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह लगातार आठवां जी-7 शिखर सम्मेलन है, जिसमें भारत को आमंत्रित किया गया है। जी-7 में भारत केवल अपने लिए ही नहीं बोलेगा, बल्कि ‘ग्लोबल साउथ’ की आकांक्षाओं को भी आवाज देगा।’’
जी-7 शिखर सम्मेलन 16 और 17 जून को फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित होगा।
मोदी ने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि फ्रांस और स्लोवाकिया की मेरी यात्राएं यूरोप और जी-7 के साथ भारत की गहरी होती भागीदारी को और मजबूत करेंगी तथा महाद्वीप एवं उससे आगे अपने साझेदारी संबंधों के दायरे का विस्तार करने की हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करेंगी।’’
उन्होंने कहा कि भारत की रणनीतिक दूरदृष्टि में फ्रांस का एक खास स्थान है, जबकि स्लोवाकिया की उनकी यात्रा एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है तथा यह दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों को और आगे बढ़ाएगी। यह 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस देश की पहली यात्रा होगी।