If BJP comes to power in West Bengal, it will expedite the implementation of CAA, infiltrators will have to leave the country: Modi
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में घुसपैठ व कल्याणकारी मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का रुख स्पष्ट करते हुए वादा किया कि राज्य में सत्ता में आने पर मतुआ और नामशूद्र शरणार्थी परिवारों को नागरिकता देने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
पूर्व बर्धमान जिले के कटवा में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) लागू किया, जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस उन लोगों में भय फैलाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा, “मैं मतुआ और नामशूद्र शरणार्थी परिवारों को बताना चाहता हूं कि वे देश के संविधान के संरक्षण में हैं। मोदी ने सीएए कानून इसलिए बनाया ताकि मतुआ, नामशूद्र और सभी शरणार्थियों को नागरिकता मिल सके।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “भाजपा सरकार बनती है तो सीएए के तहत सभी पात्र आवेदकों को नागरिकता देने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।”
दक्षिण बंगाल के कई जिलों में फैला मतुआ समुदाय चुनावों के लिहाज से एक प्रभावशाली वर्ग माना जाता है और नागरिकता का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहा है।
मोदी ने अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर हमला तेज करते हुए कहा कि भाजपा सत्ता में आई तो “घुसपैठियों” को पश्चिम बंगाल छोड़ना पड़ेगा।
उन्होंने कहा, “अब जाने का समय आ गया है और घुसपैठियों को अपना सामान बांधना शुरू कर देना चाहिए। जो लोग घुसपैठियों की मदद कर रहे हैं, उन्हें भी नहीं बख्शा जाएगा।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 15 वर्षों के शासन ने बंगाल में भय का माहौल पैदा किया है।
उन्होंने कहा, “तृणमूल के 15 साल के शासन ने बंगाल के हर नागरिक और हर परिवार को भय के अलावा कुछ नहीं दिया। यह चुनाव तृणमूल के डर को खत्म करने के लिए है।”
मोदी ने “तृणमूल के भय से मुक्त और भाजपा के विश्वास से भरे पश्चिम बंगाल” का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसा बदलाव एक विकसित पश्चिम बंगाल के निर्माण की दिशा में पहला कदम होगा।