IAF chief says LCA Mk-1A delays have been significant, air force also looking towards Mk-2
नई दिल्ली
IAF चीफ एयर चीफ मार्शल AP सिंह ने शनिवार को कहा कि तेजस फाइटर जेट Mk-1A वर्ज़न की डिलीवरी में उम्मीद से ज़्यादा देरी हुई है। साथ ही, उन्होंने संकेत दिया कि भारतीय वायु सेना मौजूदा क्षमता की कमियों को दूर करने के लिए इस एयरक्राफ्ट के Mk-2 वर्ज़न पर भी विचार कर रही है। इस सवाल के जवाब में कि क्या LCA Mk-1A की डिलीवरी में देरी के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) पर जुर्माना लगाया जाएगा, सिंह ने कहा कि डिफेंस प्रोग्राम में देरी हो सकती है, लेकिन उन्होंने माना कि मौजूदा देरी काफी ज़्यादा है।
IAF चीफ ने कहा, "ऐसा होता है कि आप कुछ प्लान करते हैं, लेकिन चीज़ों में देरी हो जाती है। लेकिन इस बार देरी बहुत ज़्यादा हुई है। हम मार्क 2 पर भी विचार कर रहे हैं। ये सभी मौजूदा कमियों को पूरा करने में सक्षम होंगे।" भारतीय वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंह ने डिफेंस प्रोडक्शन में आत्मनिर्भरता के महत्व पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावटों और संघर्षों के बीच देश को विदेशी स्रोतों पर अपनी निर्भरता कम करने की ज़रूरत है।
सिंह ने कहा, "आज के समय में आत्मनिर्भरता एक ज़रूरी आवश्यकता है। और हमारे लिए यह एक ज़रूरत है। आत्मनिर्भरता एक ज़रूरत है।" उन्होंने डिफेंस में आत्मनिर्भरता के लिए भारत की कोशिशों के तहत चल रहे स्वदेशी प्रोजेक्ट्स का ज़िक्र करते हुए खास तौर पर LCA प्रोग्राम (जिसमें Mk-1A और Mk-2 वैरिएंट शामिल हैं) और एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोग्राम का उदाहरण दिया। स्वदेशी प्रोग्राम्स के बारे में बात करते हुए सिंह ने कहा, "हमारी भागीदारी लगातार बनी हुई है और पूरा समर्थन दिया जा रहा है।"