आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय देश में पॉलीसिलिकॉन विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन योजना लाने पर विचार कर रहा है। इसका उद्देश्य विशेष रूप से चीन से होने वाले आयात पर निर्भरता कम करना है।
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के सातवें अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन एवं प्रदर्शनी को संबोधित करते हुए नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा सचिव संतोष कुमार सारंगी ने कहा कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा बाजार है।
उन्होंने कहा कि जुलाई के अंत तक देश में गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता 300 गीगावाट से अधिक हो चुकी है और भारत वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
सारंगी ने कहा, "हम देश में पॉलीसिलिकॉन विनिर्माण के लिए सहायता योजना ला रहे हैं। हमारा प्रयास है कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जो घरेलू कंपनियों को पॉलीसिलिकॉन विनिर्माण में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करे।"
उन्होंने कहा कि भारत 213 गीगावाट से अधिक की स्थापित क्षमता के साथ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सौर मॉड्यूल विनिर्माता है। वहीं सौर सेल विनिर्माण क्षमता 32 गीगावाट तक पहुंच चुकी है।