प्रतिरोपण के लिए आवाज उठाने वाली अगिमोल प्रदीप को वैश्विक नर्सिंग पुरस्कार

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 14-09-2026
Global Nursing Award for Agimol Pradeep, who championed transplantation
Global Nursing Award for Agimol Pradeep, who championed transplantation

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
ब्रिटेन में एक एशियाई मरीज ने जब नर्स अगिमोल प्रदीप से पूछा कि क्या उसकी जातीय पृष्ठभूमि उसके गुर्दा प्रतिरोपण के लिए तीन साल से अधिक समय तक इंतजार करने की वजह थी, जबकि अन्य मरीजों को कुछ ही महीनों में प्रतिरोपण मिल जाता है, तो यह सवाल लंबे समय तक उनके मन में बना रहा और अंततः उनके जीवन की दिशा बदलने का कारण बना।
 
शुरुआत में मरीज के लंबे इंतजार और उससे पैदा होने वाली लगातार चिंता को समझने की कोशिश ने प्रदीप को प्रतिरोपण तक पहुंच में व्यापक असमानता की पड़ताल करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने दक्षिण एशियाई समुदायों में अंग और स्टेम-सेल दान को बढ़ावा देने के लिए वर्षों तक काम किया।
 
भारतीय मूल की ब्रिटिश नर्स प्रदीप को 2026 के ‘एस्टर गार्डियंस ग्लोबल नर्सिंग अवार्ड’ का विजेता चुना गया है। उन्हें 2,50,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि मिली है। इस पुरस्कार के लिए 214 देशों और अर्थव्यवस्थाओं से 1,34,000 पंजीकरण हुए थे।
 
स्वास्थ्य सेवा में सार्थक बदलाव लाने वाली नर्सों को सम्मानित करने के लिए 2021 में शुरू किया गया यह पुरस्कार अब मरीजों की देखभाल, नेतृत्व, शिक्षा, सामुदायिक सेवा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नर्सिंग उत्कृष्टता को सम्मानित करने वाला वैश्विक मंच बन गया है।
 
प्रदीप को शनिवार को कोच्चि में आयोजित समारोह में सम्मानित किया गया। इस मौके पर केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन और स्वास्थ्य एवं नर्सिंग क्षेत्र के वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
 
किंग्स कॉलेज अस्पताल में वरिष्ठ प्रतिरोपण समन्वयक और यूनिवर्सिटी ऑफ सालफोर्ड में मानद वरिष्ठ व्याख्याता प्रदीप ने दक्षिण एशियाई समुदाय में अंग और स्टेम-सेल दान को लेकर जागरूकता की कमी तथा दाताओं की कमी से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए वर्षों से काम किया है।