Former DSP's interim bail plea rejected, granted custody parole for father's funeral rites
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने बर्खास्त पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) देविंदर सिंह की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी। हालांकि, अदालत ने मानवीय आधार पर उन्हें अगले सप्ताह श्रीनगर में अपने पिता के श्राद्ध कर्म में शामिल होने के लिए पांच दिन की ‘कस्टडी पैरोल’ दे दी है।
‘कस्टडी पैरोल’ वह अस्थायी अनुमति होती है, जिसके तहत किसी विचाराधीन या सजायाफ्ता कैदी को पुलिस या जेल प्रशासन की निगरानी में कुछ समय के लिए जेल से बाहर ले जाया जाता है। इस दौरान कैदी हर समय सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में रहता है।
श्रीनगर हवाई अड्डे से संबद्ध पुलिस के ‘अपहरण रोधी प्रकोष्ठ’ में तैनात रहे देविंदर सिंह को 11 जनवरी 2020 में दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में एक जांच चौकी पर उस समय गिरफ्तार किया गया था जब वह हिजबुल मुजाहिद्दीन के स्वयंभू कमांडर सैयद नवीद मुश्ताक सहित आतंकवादियों को अपनी कार में ले जा रहे थे।
एनआईए ने बाद में इस मामले में उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया और 2021 में उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
जमानत याचिका के अनुसार, देविंदर सिंह के पिता दीदार सिंह का 17 जुलाई को श्रीनगर में निधन हो गया था।
जम्मू के कोट भलवाल केंद्रीय कारागार में बंद आरोपी ने अपने पिता के श्राद्ध कर्म में शामिल होने के लिए 20 दिन की अंतरिम जमानत का अनुरोध किया था।