फ्लाईदुबई कॉकपिट घटना ‘CRM की पूरी विफलता’: कैप्टन रंधावा, मच्छर की बहादुरी को सराहा

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 01-10-2026
Flydubai cockpit incident a ‘total failure of CRM’: Captain Randhawa; praises Machhar’s bravery.
Flydubai cockpit incident a ‘total failure of CRM’: Captain Randhawa; praises Machhar’s bravery.

 

मुंबई [महाराष्ट्र]
 
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) के अध्यक्ष कैप्टन सी.एस. रंधावा ने फ्लाईदुबई की कॉकपिट घटना को ‘कॉकपिट रिसोर्स मैनेजमेंट (CRM) की पूरी विफलता’ बताया। उन्होंने कहा कि दोनों पायलटों के बीच हुई शारीरिक झड़प की परिस्थितियों की विस्तृत जांच जरूरी है।
 
यह घटना फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई, जो दुबई से तेल अवीव जा रही थी। कॉकपिट में झड़प के दौरान भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़कर सुरक्षित उतारा गया।
 
कैप्टन रंधावा ने ANI से कहा, “यह CRM की पूरी विफलता का मामला है। आखिर ऐसी स्थिति कैसे पैदा हुई कि दोनों पायलटों के बीच शारीरिक झड़प हो गई? इसकी जांच जरूरी है।” उन्होंने कहा कि पायलटों को ऐसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है और अपने 50 साल के अनुभव में उन्होंने ऐसा मामला पहली बार देखा है।
 
मच्छर की बहादुरी की सराहना
 
रंधावा ने कैप्टन मच्छर की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने बेहद साहसी काम किया। उन्होंने बताया कि मच्छर 2022 तक FIP के सदस्य रहे थे और स्पाइसजेट में चेक पायलट के रूप में काम कर चुके हैं।
 
उन्होंने कहा कि अगर यह पुष्टि होती है कि दूसरे पायलट ने विमान को गिराने की कोशिश की और कैप्टन मच्छर ने उसे काबू किया, तो यह भारतीय पायलटों के लिए गर्व की बात है।
 
रंधावा ने यह भी कहा कि FIP के अनुसार विमान को संभवतः तीसरे पायलट ने उतारा। उन्होंने कहा कि कैप्टन मच्छर को ऑक्सीजन मास्क के साथ विमान से बाहर निकाला गया था और जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विमान को वास्तव में किसने लैंड कराया।
 
विमान ने तेजी से खोई 17 हजार फीट ऊंचाई
रंधावा के अनुसार, आपात स्थिति के समय विमान इजरायल से करीब 250-300 किलोमीटर दूर था। विमान से पहले 7700 इमरजेंसी कोड और बाद में 7500 हाइजैक कोड प्रसारित किया गया।
 
उन्होंने दावा किया कि विमान करीब डेढ़ मिनट में 34,000 फीट से 17,000 फीट की ऊंचाई तक नीचे आ गया। उनके अनुसार, इस दौरान विमान की गति निर्धारित सीमा से अधिक हो गई थी, जिससे विमान के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा और स्थिति बेहद खतरनाक हो गई।
 
रंधावा ने कहा कि कॉकपिट में खून की मात्रा और घटना की परिस्थितियों से संकेत मिलता है कि झड़प संभवतः कुछ समय से चल रही थी। उन्होंने बताया कि एक महिला यात्री ने कॉकपिट के पास से शोर और चीखें सुनकर केबिन क्रू को इसकी जानकारी दी थी।
 
आतंकी एंगल पर जांच जारी
रंधावा ने कहा कि घटना को आतंकवादी हमले से जोड़ना फिलहाल केवल अटकल है। उन्होंने कहा कि सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण मामले की जांच कर रहा है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण सामने आएगा।
 
उन्होंने कहा कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर से पायलटों और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच बातचीत की जानकारी मिलेगी, जबकि फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर विमान की तकनीकी गतिविधियों का विवरण देगा।
 
सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत
रंधावा ने विमानन सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने और उड़ानों में स्काई मार्शल की तैनाती पर विचार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं के लिए पायलटों के लिए स्पष्ट SOP होना चाहिए, ताकि आक्रामक स्थिति पैदा होने पर केबिन क्रू और यात्रियों की मदद से हमलावर को तुरंत नियंत्रित किया जा सके।
 
उन्होंने पायलटों के नियमित साइकोमेट्रिक परीक्षण की भी वकालत की और कहा कि पायलटों की मानसिक स्थिति का समय-समय पर मूल्यांकन किया जाना चाहिए।
 
पीएम मोदी ने मच्छर के परिवार से की बात
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छर की पत्नी और माता-पिता से बात कर उनकी बहादुरी की सराहना की। सरकारी सूत्रों के अनुसार, पीएम ने कहा कि भारतीय मिशन मच्छर और उनके परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध करा रहे हैं।
 
कैप्टन मच्छर का तबुक के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। सऊदी अरब में भारतीय मिशन ने कहा है कि वह उनके परिवार के संपर्क में है और सऊदी अधिकारियों के साथ उनके स्वास्थ्य की जानकारी ले रहा है।
 
मच्छर के पूर्व नियोक्ता स्पाइसजेट के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने भी उनकी बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि कॉकपिट का दरवाजा खोलना, खासकर घायल होने के बाद, बेहद साहसिक कदम था और संभवतः इसी से यात्रियों की जान बचाने में मदद मिली।
 
कैप्टन मच्छर के पास 13 साल से अधिक का वाणिज्यिक विमानन अनुभव और करीब 9,750 उड़ान घंटे हैं। उन्होंने फ्लाईदुबई में शामिल होने से पहले स्पाइसजेट में करीब 11 साल तक लाइन ट्रेनिंग कैप्टन के रूप में काम किया था।
 
फ्लाईदुबई ने घटना को कॉकपिट में हुई “झड़प” बताया है। विमान को सुरक्षित रूप से तबुक में उतारने के बाद यात्रियों को दूसरे विमान से तेल अवीव भेजा गया। जांच जारी रहने के बीच फ्लाईदुबई ने इजरायल आने-जाने वाली उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं।