आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को यहां भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में 158वें नियमित पाठ्यक्रम और 141वें तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम की ‘पासिंग आउट परेड’ का निरीक्षण किया और इस दौरान भारतीय सेना में नौ महिला अधिकारी कैडेट के पहले बैच को शामिल किया गया जोकि एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सेना प्रशिक्षण कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा, भारतीय सैन्य अकादमी के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल नागेंद्र सिंह, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और कैडेटों के परिजन शामिल हुए।
परेड के बाद कुल 515 अधिकारी कैडेट को भारतीय सेना में शामिल किया गया जिनमें नौ महिला अधिकारी कैडेट भी शामिल हैं। उत्तीर्ण होने वाले कैडेट में 16 मित्र देशों के 34 अधिकारी कैडेट भी शामिल हैं जो अपने-अपने देशों के सशस्त्र बलों में शामिल होंगे।
अधिकारियों ने कहा कि महिला अधिकारी कैडेटों को शामिल किया जाना इस संस्थान के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। आईएमए ने 1932 में स्थापना के बाद से सेना के पुरुष अधिकारियों की कई पीढ़ियों को प्रशिक्षित किया है।
समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कई कैडेट को सम्मानित किया गया। अकादमी कैडेट एडजुटेंट विशाल कुमार को नियमित पाठ्यक्रम में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ और स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
अकादमी अंडर ऑफिसर प्रिंस राज को रजत पदक जबकि सीनियर अंडर ऑफिसर तेजस भट्ट को कांस्य पदक मिला।