आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम)-कलकत्ता ने एक नयी पहल की घोषणा की है, जिसके तहत एमबीए छात्र उद्यमिता के क्षेत्र में कदम रखते हुए अपने स्टार्टअप पर काम कर सकेंगे और इसके लिए उन्हें स्थायी रूप से कैंपस प्लेसमेंट (संस्थान के जरिये मिलने वाली नौकरी) का अवसर नहीं छोड़ना पड़ेगा। संस्थान की ओर से शनिवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई।
यह पहल आईआईएम-कलकत्ता के निदेशक आलोक कुमार राय ने शुक्रवार को संस्थान के 63वें एमबीए बैच के 480 छात्रों के दीक्षारंभ समारोह में घोषित की।
उन्होंने कहा कि जो छात्र कैंपस प्लेसमेंट प्रक्रिया में भाग लेने के बजाय एक वर्ष तक अपने स्टार्टअप को विकसित करने का विकल्प चुनेंगे, वे यदि चाहें तो अगले वर्ष संस्थान की प्लेसमेंट प्रक्रिया में शामिल होने के पात्र होंगे।
बयान के अनुसार, नए बैच में 67 प्रतिशत पुरुष और 33 प्रतिशत महिला छात्र हैं। इनमें 41 प्रतिशत छात्र फ्रेशर हैं, जबकि 59 प्रतिशत के पास पूर्व कार्यानुभव है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि के आधार पर बैच में 54.7 प्रतिशत छात्र इंजीनियरिंग से हैं। इसके बाद वाणिज्य (11.5 प्रतिशत), विज्ञान (10.27 प्रतिशत) और कला (10 प्रतिशत) के छात्र हैं, जबकि शेष छात्र अन्य विषयों से संबंधित हैं।
फ्रेशर्स वेलकम समारोह में बजाज फिनसर्व एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और संस्थान के पूर्व छात्र गणेश मोहन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल थे।