DTC bus drivers' strike demanding pay hike continues for third day, passengers suffer
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राष्ट्रीय राजधानी में दैनिक वेतन में बढ़ोतरी, चिकित्सा सुविधाओं और ओवरटाइम भुगतान की मांग को लेकर दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के बस चालकों की हड़ताल बृहस्पतिवार को तीसरे दिन भी जारी रही, जिससे यात्रियों को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
यात्रियों ने सोशल मीडिया मंचों पर बताया कि सड़कों पर बसों की संख्या कम रही, जिसके कारण उन्हें बस स्टॉप पर घंटों इंतजार करना पड़ा।
दिल्ली हवाईअड्डे ने हड़ताल के कारण होने वाली समस्या से बचने के लिए यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना में बदलाव करने की सलाह दी।
दिल्ली हवाईअड्डे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “डीटीसी बस हड़ताल जारी रहने के कारण दिल्ली हवाईअड्डे तक आने-जाने वाली बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। टर्मिनल के बीच आवागमन वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से जारी रहने की उम्मीद है।”
रानी खेड़ा, राजघाट, नेहरू प्लेस, बुराड़ी, वजीरपुर, घुमनहेड़ा, सरिता विहार और कई अन्य बस डिपो के चालक तीसरे दिन भी हड़ताल पर रहे।
प्रदर्शन कर रहे चालक सोनू बेनीवाल ने कहा, “सरकार को ऐसा समाधान निकालना चाहिए ताकि हमें निजी ठेकेदारों से जुड़ी समस्याओं का सामना न करना पड़े। हमारी शांतिपूर्ण हड़ताल जारी रहेगी, क्योंकि परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि बातचीत जारी है।”
चालकों और परिचालकों के अनुसार, वे 862 रुपये प्रतिदिन के वेतन पर डीटीसी बसें चला रहे हैं।
यह दिल्ली सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन है, जो आमतौर पर दिहाड़ी मजदूरों, कारखाना कर्मचारियों या छोटी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए निर्धारित होता है।
एक दिन पहले परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने डीटीसी की इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करने वाले निजी रियायतधारकों को चालकों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने का निर्देश दिया था और उनसे हड़ताल वापस लेने की अपील भी की थी।
वर्तमान में शहर में करीब 6,500 डीटीसी बसें हैं, जिनमें प्रतिदिन लगभग 60 लाख यात्री सफर करते हैं।