आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को कहा कि हर विषय को हिंदू-मुस्लिम और वोट बैंक के नजरिए से देखने वाली कांग्रेस को मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने को लेकर चल रही कवायद पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित समिति ने सोमवार को मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें अनुसूचित जनजातियों (आदिवासियों) को यूसीसी के दायरे से बाहर रखने की सिफारिश की गई है।
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी की जयंती पर विधानसभा परिसर में उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद संवाददाताओं से चर्चा में यादव ने कहा कि समिति ने यूसीसी पर अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, अब कांग्रेस को भी इस विषय पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘चाहे यूसीसी का मुद्दा हो या भोजशाला का, कांग्रेस हर विषय को केवल हिंदू-मुस्लिम और वोट बैंक की राजनीति के नजरिए से देखती है। सकारात्मक बात यह है कि सभी धर्मों के नागरिकों ने यूसीसी पर अपने विचार खुलकर और स्पष्ट रूप से रखे हैं, लेकिन कांग्रेस ने अब तक अपना स्पष्ट रुख सामने नहीं रखा है।’’
यूसीसी को लेकर समिति की ओर से पिछले महीने भोपाल में आयोजित बैठक में कांग्रेस ने हिस्सा नहीं लिया था जबकि भाजपा के प्रतिनिधियों ने इसमें शिरकत करते हुए पार्टी का पक्ष रखा था।