आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
महाराष्ट्र में विपक्षी दलों, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से शुक्रवार को सवाल किया कि जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत कहते हैं कि ‘जेन-जी’ को राष्ट्रविरोधी नहीं कहा जाना चाहिए तो भाजपा नेताओं ने युवा प्रदर्शनकारियों पर हमला क्यों बोला।
कांग्रेस एवं राकांपा (शप) ने सत्तारूढ़ भाजपा और आरएसएस पर ‘‘दोहरी राजनीति’’ करने का आरोप लगाया।
भागवत ने बृहस्पतिवार को मुंबई में ‘जेन-जी’ (1997 से 2012 के बीच जन्मे) और ‘जेन-अल्फा’ (2013 से 2025 के बीच जन्मे) पीढ़ी के करीब 2,000 लोगों की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था, ‘‘अगर ‘जेन-जी’ के लोग आंदोलन कर रहे हैं तो वे राष्ट्रविरोधी नहीं हैं, वे अपने ही लोग हैं। यह हमारी अगली पीढ़ी है। उनके साथ संवाद और तालमेल की जरूरत है।’’
राकांपा (शप) के प्रवक्ता महेश तापसे ने एक बयान में कहा कि देश संघ परिवार के दो बिल्कुल अलग-अलग चेहरे देख रहा है।
उन्होंने कहा कि एक ओर भागवत यह कहकर नरम रुख पेश कर रहे हैं कि ‘जेन-जी’ को राष्ट्रविरोधी नहीं कहा जाना चाहिए, दूसरी ओर नीट विवाद को लेकर देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान सांसद निशिकांत दुबे और कंगना रनौत समेत भाजपा के कई प्रमुख नेताओं ने प्रदर्शनकारी युवाओं पर सार्वजनिक रूप से गंभीर आरोप लगाए थे।