Congress has not yet tendered an "unconditional apology" for the Emergency: Nitin Naveen
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष नितिन नवीन ने बृहस्पतिवार को आपातकाल की बरसी पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय था और विपक्षी पार्टी ने इसके लिए देश से अभी तक ‘‘बिना शर्त माफी’’ नहीं मांगी है।
भारत में 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत आपातकाल लागू रहा था, जिससे कार्यपालिका को बहुत ज्यादा शक्तियां मिल गईं और राज्यों का अधिकार केंद्र के नियंत्रण में आ गया।
नवीन ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय था, जिस दौरान ‘‘संविधान की आत्मा को कुचलने’’ का प्रयास किया गया।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘12 जून 1975 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निर्वाचन को अवैध घोषित किया था। इसके बाद राष्ट्रहित नहीं, बल्कि सत्ता हित को प्राथमिकता दी गई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘एक व्यक्ति की कुर्सी बचाने के लिए पूरे देश की स्वतंत्रता को बंधक बना लिया गया और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी द्वारा स्थापित संवैधानिक मूल्यों एवं लोकतांत्रिक मर्यादाओं को कुचलने का प्रयास किया गया।’’
नवीन ने कहा कि कांग्रेस चुनाव में हार समेत कई वजहों से लगातार नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को दोषी ठहराती है।
भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘संसद नहीं चले तो दोष सरकार का, चुनाव हार जाएं तो दोष व्यवस्था का, जनता समर्थन न दे तो दोष संस्थाओं का।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जो दल आज संविधान की दुहाई देता है, उसने आज तक आपातकाल के लिए देश से बिना शर्त माफी क्यों नहीं मांगी? यदि सचमुच संविधान की चिंता होती, तो सबसे पहले लोकतंत्र की हत्या के उस अपराध के लिए देश से क्षमा मांगी जाती।’’