आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भाजपा ने राष्ट्रीय राजधानी के उत्तर-पूर्वी हिस्से में साल 2020 के सांप्रदायिक दंगे के दौरान हुई खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी करार दिये जाने के एक दिन बाद मंगलवार को विपक्षी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा और उनसे माफी की मांग की।
केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुख्य विपक्षी कांग्रेस को भी आड़े हाथ लेते हुए 2020 के दिल्ली दंगों के लिए उसके नेताओं को जिम्मेदार ठहराया। पार्टी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी से ‘बिना शर्त माफी’ की मांग करते हुए आरोप लगाया कि अंकित शर्मा के परिवार का साथ देने के बजाय, उन्होंने ‘‘लाश पर राजनीति’’ की और ‘तुष्टीकरण’ की नीति अपनाई।
दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को अंकित शर्मा हत्या मामले में हुसैन और चार अन्य लोगों को दोषी करार दिया। घटना के समय हुसैन आप का पार्षद था और मामले में नाम आने के बाद पार्टी ने उसे निलंबित कर दिया था।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि ‘‘यह संविधान, कानून, न्याय और जनता की जीत’’ है।
उन्होंने कहा कि इस फैसले से यह सुनिश्चित हुआ है कि भारत में कानून का राज चलेगा और आरोपी को कानून का सामना करना ही होगा, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली या अच्छी जान-पहचान वाले क्यों न हों।
भाटिया ने कहा कि इस फैसले से पीड़ित परिवार और समाज को सुकून मिला है, जिसकी उन्हें जरूरत थी।
यहां भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में भाटिया ने आरोप लगाया, ‘‘इसके लिए सबसे बड़े दोषी अरविंद केजरीवाल हैं, जिनके कहने पर यह सब हुआ। मामले को दबाने की कोशिशें की गईं और ताहिर हुसैन को राजनीतिक संरक्षण दिया गया। गिरफ्तारी के बाद केजरीवाल छिप गए और उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा।’’