Chirag Vir Singh Sarao becomes the first Sikh-American to attend the US Air Force Academy
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
चिराग वीर सिंह सराओ अमेरिका के कोलोराडो स्प्रिंग्स स्थित अमेरिकी वायुसेना अकादमी (यूएसएएफए) में शामिल होने वाले पहले केशधारी सिख-अमेरिकी बन गए हैं। अमेरिका में गुरुद्वारों और सिख संस्थाओं के प्रतिनिधि संगठन ‘अमेरिकन सिख काउंसिल’ (एएससी) ने यह जानकारी दी।
‘केशधारी’ सिख अपनी धार्मिक मान्यता के तहत केश और दाढ़ी नहीं कटवाते हैं।
संस्था ने बताया कि सराओ की अमेरिकी वायुसेना अकादमी में चार अप्रैल को नियुक्ति हुई थी। उन्हें 20 जून को ‘धार्मिक छूट’ प्रदान की गई, जिससे वह अपने धार्मिक प्रतीकों के साथ और अपनी मूल पहचान बनाए रखते हुए अकादमी में प्रशिक्षण तथा सेवा कर सकेंगे।
सराओ 24 जून को प्रवेश प्रक्रिया के दिन आधिकारिक तौर पर अमेरिकी वायुसेना अकादमी में शामिल हुए। वह वर्तमान में छह सप्ताह के प्रारंभिक सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
अकादमी में शामिल होने से पहले सराओ को 'एयर फोर्स रिजर्व ऑफिसर्स ट्रेनिंग कॉर्प' (आरओटीसी) और नेवल आरओटीसी, दोनों से छात्रवृत्ति मिली थी। उन्हें दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय और वाशिंगटन विश्वविद्यालय में भी प्रवेश का प्रस्ताव मिला था।
एएससी ने बताया कि सराओ का शैक्षणिक रिकॉर्ड उत्कृष्ट रहा है। वह ‘ईगल स्काउट’ रह चुके हैं, ताइक्वांडो में ‘सेकेंड-डिग्री ब्लैक बेल्ट’ धारक हैं और विश्वविद्यालय स्तर की वाटर पोलो टीम का भी हिस्सा रहे हैं।
कोलोराडो स्प्रिंग्स स्थित संयुक्त राज्य वायुसेना अकादमी (यूएसएएफए) अमेरिका की पांच संघीय सैन्य सेवा अकादमियों में से एक है।