Avoid high turnover, employee strength conditions in procurement of consultancy services: Finance Ministry
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
वित्त मंत्रालय ने सरकारी संस्थाओं को सलाहकार सेवाओं की खरीद में अत्यधिक ऊंचे कारोबार और वेतनभोगी कर्मचारियों की शर्तें लगाने से बचने की सलाह देते हुए कहा है कि ऐसी शर्तों से प्रतिस्पर्धा अनावश्यक रूप से सीमित हो सकती है।
मंत्रालय ने 22 जुलाई को जारी कार्यालय ज्ञापन में कहा है कि सरकारी ऑनलाइन खरीद मंच (जीईएम) के जरिए सलाहकार सेवाओं की खरीद करने वाली एजेंसियों को निविदा में न्यूनतम कर्मचारियों की ऐसी संख्या तय करनी चाहिए जो काम को संतोषजनक ढंग से पूरा करने के लिए आवश्यक श्रमशक्ति के अनुरूप हो।
व्यय विभाग के खरीद नीति प्रभाग की तरफ से जारी ज्ञापन में कहा गया, ‘‘बिना पर्याप्त औचित्य के अनुपातहीन रूप से अधिक कर्मचारियों की संख्या की शर्तें प्रतिस्पर्धा को अनावश्यक रूप से सीमित कर सकती हैं।’’
वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले व्यय विभाग ने कहा कि पिछले तीन वित्त वर्षों के दौरान जीईएम मंच पर जारी सलाहकार सेवाओं की खरीद संबंधी निविदाओं के नमूना अध्ययन में पात्रता एवं योग्यता संबंधी मानदंडों को लेकर कुछ मुद्दे सामने आए।
अध्ययन में अपेक्षाकृत अधिक कारोबार की शर्तें लगाए जाने और प्रस्तावित प्रमुख कर्मचारियों की योग्यता एवं अनुभव की तुलना में सलाहकार फर्म के अनुभव को अधिक महत्व दिए जाने के मामले सामने आए।
इसमें यह भी पाया गया कि बोलीदाता के वेतनभोगी कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या को पात्रता मानदंड बनाया गया, जो परियोजना के क्रियान्वयन के लिए वास्तव में आवश्यक श्रमशक्ति से काफी अधिक थी।
विभाग ने कहा, ‘‘निष्कर्षों से संकेत मिलता है कि पात्रता और योग्यता संबंधी ऐसे मानदंड सलाहकार सेवाओं की खरीद में प्रतिस्पर्धा को अनुचित रूप से सीमित कर सकते हैं।’’
ज्ञापन में विभाग ने खरीद एजेंसियों को पात्रता और योग्यता संबंधी मानदंड तय करते समय ‘सलाहकार सेवाओं की खरीद नियमावली, द्वितीय संस्करण, 2025’ के प्रावधानों का पालन करने की सलाह दी है।