Australian experts join Nepal rescue efforts, drawing lessons from India's Silkyara operation
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारत में 2023 में सिल्क्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करने वाले ऑस्ट्रेलियाई सुरंग विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स ने सोमवार को नेपाल में जारी जटिल खोज एवं बचाव अभियान के दौरान उस अनुभव को याद किया और कहा कि उस अभियान ने उन्हें यह सीख दी कि ‘‘किसी काम के मुश्किल या बहुत कम संभव होने का मतलब यह नहीं होता कि वह असंभव है।’’
ऑस्ट्रेलियाई विशेषज्ञ डिक्स शनिवार को नेपाल पहुंचे। 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद चिलिमे जलविद्युत सुरंग के अंदर लोगों के फंसे होने की आशंका है। डिक्स इन लोगों की तलाश में मदद कर रहे हैं।
वह नेपाली और भारतीय विशेषज्ञों के साथ मिलकर सुरंग की स्थिति का आकलन कर रहे हैं और भूमिगत पावरहाउस तक पहुंचने की योजना बना रहे हैं। आशंका है कि कुछ लोग इस भूमिगत पावरहाउस में शरण लिए हो सकते हैं।
चिलिमे में चलाया जा रहा खोज अभियान नेपाल में भोटेकोशी-त्रिशूली गलियारे में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद चल रहे व्यापक राहत एवं बचाव अभियान का हिस्सा है। इस बाढ़ में सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग लापता हैं।
डिक्स ने कहा कि नेपाल की मौजूदा स्थिति ने उन्हें उत्तराखंड के सिल्क्यारा अभियान की याद दिला दी, जहां नवंबर 2023 में सुरंग का एक हिस्सा ढहने के बाद 41 निर्माण श्रमिक फंस गए थे। कई एजेंसियों के संयुक्त अभियान के दौरान 17 दिन भूमिगत रहने के बाद सभी श्रमिकों को जिंदा बाहर निकाल लिया गया था। इस अभियान में बचावकर्मियों को कई बार उम्मीद और निराशा के बीच झूलना पड़ा था।